US मिडटर्म इलेक्शन- ट्रम्प की सत्ता का टेस्ट: 57 भारतीय मूल के कैंडिडेट, विवेक रामास्वामी से नित्या रमन तक बड़े नाम मैदान में
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अमेरिका में आज मिडटर्म इलेक्शन के लिए वोटिंग हो रही है। इंडियन ओरिजिन के 57 कैंडिडेट गवर्नर, मेयर, सीनेट, हाउस और स्टेट एसेम्बलीज के चुनाव लड़ रहे हैं।
इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका में आज मिडटर्म इलेक्शन (Midterm Elections) के लिए वोटिंग हो रही है। इस बार इलेक्शन में भारतीय मूल के 57 कैंडिडेट भी मैदान में हैं। ये कैंडिडेट अमेरिकी सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, स्टेट एसेम्बलीज और लोकल पोस्ट्स के लिए इलेक्शन लड़ रहे हैं।
इनमें ओहायो के गवर्नर पोस्ट के लिए विवेक रामास्वामी और लॉस एंजिलिस के मेयर पोस्ट के लिए नित्या रमन जैसे नाम शामिल हैं। इस इलेक्शन से यह भी तय होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी संसद के दोनों सदनों में अपना बहुमत बनाए रख पाती है या नहीं।
सभी लेवल पर इलेक्शन लड़ रहे इंडियन ओरिजिन के कैंडिडेट
कैंडिडेट्स काउंट के मुताबिक, 57 इंडियन ओरिजिन के कैंडिडेट अलग-अलग पोस्टों के लिए इलेक्शन लड़ रहे हैं। इनमें एक कैंडिडेट सीनेट, 11 हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, 3 स्टेट लेवल के पोस्ट्स और 36 स्टेट एसेम्बली के लिए मैदान में हैं।

इसके अलावा 6 कैंडिडेट लोकल पोस्ट के लिए इलेक्शन लड़ रहे हैं। यह गिनती उन कैंडिडेटों की है जिनके इंडियन ओरिजिन के होने की पुष्टि की जा सकी है। 15 कैंडिडेट्स को इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि उनके इंडियन ओरिजिन के होने की पुष्टि नहीं हो सकी है।
ओहायो में गवर्नर पोस्ट के लिए मुकाबला चर्चा में
सबसे ज्यादा चर्चा ओहायो में गवर्नर पोस्ट के मुकाबले की है। यहां रिपब्लिकन पार्टी के विवेक रामास्वामी (Vivek Ramaswamy) का मुकाबला डेमोक्रेटिक कैंडिडेट एमी एक्टन (Amy Leigh Acton) से है। इलेक्शन से पहले सामने आए फिफ्टीप्लसवन (FiftyPlusOne) के आंकड़ों में एक्टन करीब 3 प्रतिशत अंकों से आगे थीं।
रामास्वामी के साथ रॉबर्ट मैककॉले (Robert McColley) डिप्टी-गवर्नर पोस्ट के लिए कैंडिडेट हैं। वहीं, एक्टन के साथ डेविड पेपर (David Pepper) इस पोस्ट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

वहीं, लॉस एंजिलिस में सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमन (Nitya Raman) मौजूदा मेयर करेन बैस को चुनौती दे रही हैं। यूसी बर्कले और लॉस एंजिलिस टाइम्स के सर्वे में दोनों कैंडिडेटों को 40-40% सपोर्ट मिला। 19% वोर्ट अभी तय नहीं कर पाए थे कि किसे वोट देंगे।
दोनों डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी हैं, लेकिन शहर का मेयर इलेक्शन ऑफिशियली नॉन पार्टीसन होता है। यानी कैंडिडेट्स के नाम के साथ पार्टी का इलेक्शन सिम्बल नहीं होता। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों के बीच मुकाबला बेहद करीबी है।

सरिता कोमाटिरेड्डी का मुकाबला लेटिटिया जेम्स से
न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन कैंडिडेट सरिता कोमाटिरेड्डी ( (Saritha Komatireddy) का मुकाबला डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स से है। 28 अक्टूबर को आए सिएना पोल में जेम्स को 54% और कोमाटिरेड्डी को 39% सपोर्ट मिला था।

मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर भी मैदान में
मैरीलैंड की मौजूदा लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर (Aruna Miller) फिर से इसी पोस्ट के लिए चुनाव लड़ रही हैं। वह डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर गवर्नर वेस मूर (Wes Moore) के साथ मैदान में हैं। दोनों की जोड़ी दोबारा चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है।

मैसाचुसेट्स में शिवा अय्यादुरई (Shiva Ayyadurai) सीनेट सीट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वह किसी पार्टी में एनरोल कैंडिडेट नहीं हैं और ऑफिशियल रिकॉर्ड में उन्हें अनएनरोल्ड (Unenrolled) बताया गया है। उनका मुकाबला मौजूदा डेमोक्रेटिक सीनेटर एड मार्की (Ed Markey) समेत दूसरे कैंडिडेट्स से है।

इस सीट पर रिपब्लिकन पार्टी के जॉन डीटन (John Deaton) और पार्टी फॉर सोशलिज्म एंड लिबरेशन के जोसेफ टाचे (Joseph Tache) भी मैदान में हैं।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के इलेक्शन में भी भारतीय मूल के कई कैंडिडेट
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के इलेक्शन में चार मौजूदा डेमोक्रेटिक सांसद फिर से मैदान में हैं। इनमें रो खन्ना (Ro Khanna) कैलिफोर्निया की 17वीं सीट, अमी बेरा (Ami Bera) कैलिफोर्निया की तीसरी सीट, प्रमिला जयपाल (Pramila Jayapal) वॉशिंगटन की 7वीं सीट और सुहास सुब्रमण्यम (Suhas Subramanyam) वर्जीनिया की 10वीं सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

कैलिफोर्निया की 17वीं सीट पर रो खन्ना का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन (Ritesh Tandon) से है। वहीं, वॉशिंगटन की 7वीं सीट पर प्रमिला जयपाल के सामने रिपब्लिकन उम्मीदवार निरव शेठ (Nirav Sheth) हैं। अमी बेरा और सुहास सुब्रमण्यम भी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर अपनी सीट बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
एरिजोना की पहली कांग्रेसनल सीट पर डेमोक्रेटिक पार्टी के अमीष शाह (Amish Shah) चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार जे फेली (Jay Feely) से है।

फ्लोरिडा की 22वीं सीट पर पिया दांडिया (Pia Dandiya) भी चुनाव मैदान में हैं। इनके अलावा रिपब्लिकन पार्टी के महेश गणोरकर (Mahesh Ganorkar) नॉर्थ कैरोलिना की चौथी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
वहीं, संदिप दीक्षित (Sandeep Dixit) ओहायो और अनिल कुमार (Anil Kumar) मिशिगन से इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर हाउस के लिए मैदान में हैं।
स्टेट एसेम्बलीज के लिए इंडियन ओरिजिन कैंडिडेट सबसे ज्यादा
स्टेट एसेम्बलीज के इलेक्शन में भारतीय मूल के कैंडिडेट्स सबसे ज्यादा हैं। 36 कैंडिडेट 22 राज्यों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कैलिफोर्निया, इलिनॉय और न्यूयॉर्क में सबसे ज्यादा 4-4 कैंडिडेट मैदान में हैं।
लोकल इलेक्शन में भी 6 भारतीय मूल के कैंडिडेट हिस्सा ले रहे हैं। इनमें यूटा के सॉल्ट लेक काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी सिम गिल, ओकलैंड सिटी काउंसिल की सदस्य जननी रामचंद्रन और जॉर्जिया में फुल्टन काउंटी कमीशन के लिए इलेक्शन लड़ रहे रोहित मल्होत्रा शामिल हैं।
दोनों सदनों में मेजॉरिटी के लिए कितनी सीटें जरूरी
इस इलेक्शन के नतीजों से तय होगा कि ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में अपना कंट्रोल बनाए रखेगी या नहीं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में मेजॉरिटी के लिए 218 सीटें जरूरी हैं। फिलहाल, रिपब्लिकन के पास 218 और डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें हैं।
सीनेट में टोटल 100 सीटें होती हैं। मेजॉरिटी के लिए 51 सीटें होना जरूरी है। फिलहाल, रिपब्लिकन के पास 53 और डेमोक्रेट्स के पास 47 सीटें हैं। अगर डेमोक्रेट्स किसी एक हाउस में मेजॉरिटी हासिल करते हैं, तो सरकारी खर्च, जांच और जजों और कैबिनेट मेंबर्स के अपॉइंटमेंट से जुड़े फैसलों में उनका दखल बढ़ेगा।

