मैच खत्म होते ही ईरानी टीम को अमेरिका से बाहर जाने का ऑर्डर: मेक्सिको के ट्रेनिंग बेस पर लौटेगी, कोच बोले- यह प्रताड़ना देने जैसा; 21 जून को फिर US आएगी
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FIFA WC 2026 में ईरानी टीम का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड से था। यह मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा।
इंटरनेशनल डेस्क। FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ईरान को अपने पहले मुकाबले के फौरन बाद अमेरिका से बाहर जाने के निर्देश मिले। टीम को फिर से मेक्सिको के अपने ट्रेनिंग बेस पर लौट जाने के लिए कहा गया। यह बात ईरानी टीम के हेड कोच एमीर गालेनोई ने बताई।
गालेनोई ने कहा- टीम को उम्मीद थी कि मुकाबले के बाद लॉस एंजिलिस में रात बिताएंगे और अगले दिन रिकवरी सेशन शुरू करेंगे। लेकिन मैच खत्म होने के ठीक बाद निर्देश मिले कि फौरन अपने ट्रेनिंग बेस पर लौट जाइए।
गालेनोई ने यह भी कहा कि हमें विमान में बैठकर तिजुआना लौटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे हमारी परेशानियां बढ़ रही हैं, लेकिन हम इसका असर अपने परफॉर्मेंस पर नहीं पड़ने देंगे।

ईरान की अच्छी शुरुआत
FIFA वर्ल्ड कप में ईरान ने अपने ओपनिंग मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन किया। 15 जून की रात (भारतीय समयानुसार 16 जून की सुबह) को खेले गए मुकाबले में ईरान का सामना न्यूजीलैंड से था। यह मुकाबला बराबरी की टक्कर का रहा। न्यूजीलैंड ने दो बार मैच में बढ़त बनाई लेकिन दोनों ही बार ईरान ने बराबरी का गोल दागा। आखिरी में मैच 2-2 से ड्रॉ रहा।
लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में यह मुकाबला खेला गया। यह अमेरिका के कैलिफोर्निया स्टेट में आता है। मुकाबले के दौरान स्टेडियम के अंदर और बाहर अच्छी तादाद में ईरान के फैंस मौजूद रहे।
जंग का असर टूर्नामेंट पर
अमेरिका और ईरान के बीच बीते साढ़े तीन महीनों से तनाव है। दोनों देशों के बीच करीब 40 दिन तक भीषण युद्ध हुआ था। अभी भी ईरान पर जंग के बादल मंडरा रहे हैं। यही कारण है कि फीफा वर्ल्ड कप में ईरान के पार्टिसिपेशन से लेकर उसके ट्रेनिंग बेस पर कन्फ्यूजन बना रहा। बीते तीन महीनों में कई बार ऐसी रिपोर्ट्स आई कि ईरान का वर्ल्ड कप खेलना मुश्किल है। हालांकि जब यह फाइनल हुआ कि ईरानी टीम वर्ल्ड कप खेलेगी तो उसके ट्रेनिंग बेस को लेकर संशय बना रहा।
ईरान को पहले एरिजोना के टक्सन में ठहरना था। यहीं पर उसका ट्रेनिंग बेस होना तय हुआ था लेकिन जंग के कारण लॉजिस्टिक और वीजा से जुड़ी परेशानियां आईं और ट्रेनिंग बेस को मेक्सिको के तिजुआना ट्रांसफर करना पड़ा। अपने ओपनिंग मुकाबले के ठीक पहले ईरान की टीम अमेरिका में इंटर हो पाई।

कोच और कप्तान क्या-क्या बोले?
कोच एमीर गालेनोई ने दावा किया है कि उनकी टीम टूर्नामेंट की सबसे उत्पीड़ित टीम है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम पर आखिरी वक्त में यात्रा से जुड़े प्रतिबंध लगाए गए, जिससे खिलाड़ियों और स्टाफ की तैयारियां प्रभावित हुईं। टीम के सहयोगी स्टाफ मेंबर्स को भी अमेरिका में एंट्री का वीजा नहीं दिया गया।
गालेनोई ने कहा- समझ नहीं आ रहा कि हमें वापस क्यों भेजा जा रहा है। ऐसा लगता है कि हमारा शेड्यूल कोई और तय कर रहा है। हमें मैच से दो रात पहले लॉस एंजिलिस पहुंचना था, लेकिन परमिशन नहीं मिली। अब हमें रिकवरी के लिए भी रुकने नहीं दिया गया।
उन्होंने आगे कहा- हमारी टीम के साथ हमारा फुटबॉल एसोसिएशन नहीं है, हमारा मीडिया यहां नहीं है और हमारे मैनजमेंट को भी नहीं आने दिया गया।
ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने भी अपने कोच की बातों का समर्थन करते हुए मौजूदा स्थिति को आपदा बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और स्टाफ पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और अगले मैच की तैयारी के लिए ठीक माहौल नहीं मिल रहा है।
तारेमी ने कहा- यह हमारे लिए अच्छा नहीं है और न ही फुटबॉल के लिए। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अगले मैच की तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ पर बहुत तनाव है, लेकिन हमें पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा। मुझे लगता है कि फीफा को हमारी और अधिक मदद करनी चाहिए।

