Toll का मंथली लोकल पास फोन से खरीद सकेंगे: प्लाजा से यूजर की दूरी 20 Km होनी चाहिए, कैसे काम करेगा, प्रोसेस क्या होगी; पढ़ें डिटेल्स
Published:
3 min read

AI जेनरेटेड इमेज।
बिजनेस डेस्क। टोल प्लाजा के पास रहने वाले लोग अब मंथली लोकल पास फोन से खरीद सकेंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अपने राजमार्गयात्रा (Rajmargyatra) मोबाइल ऐप पर एक डिजिटल लोकल पास फैसिलिटी शुरू की है। इससे टोल प्लाजा पर खुद जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लोकल पास क्या है, जानें
लोकल पास उन लोगों के लिए है, जो किसी टोल प्लाजा से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर रहते हैं। इस पास को खरीदने के बाद यूजर पूरे महीने उस टोल प्लाजा से जितनी बार चाहें, बिना टोल चार्ज दिए आ और जा सकते हैं। पहले इसके लिए लोगों को टोल प्लाजा पर खुद जाना पड़ता था। डॉक्यूमेंट्स जमा करके अपनी एलिजिबिलिटी प्रूव (साबित) करनी पड़ती थी। लेकिन अब नए सिस्टम में पूरा प्रोसेस ऑनलाइन हो गया है, जो सिर्फ कुछ मिनट में हो जाता है।

लोकल पास कैसे काम करेगा
ये फैसिलिटी पूरी तरह वेरिफाइड बेस्ड है। इसमें NHAI सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे डिजीलॉकर (DigiLocker) और VAHAN से जुड़कर यात्री (कम्यूटर) का पता, व्हीकल नंबर, फास्टैग (FASTag) की डिटेल्स अपने आप हासिल कर लेता है। इसके बाद GIS (जियोग्राफी) बेस्ड सिस्टम से ये चेक किया जाता है कि आप उस टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहते हैं या नहीं। NHAI के मुताबिक, अब मैन्युअल डॉक्यूमेंट जमा करने की जरूरत नहीं है। पूरा प्रोसेस फास्ट, ट्रांसपेरेंट और सटीक हो गया है।
लोकल पास की प्रोसेस शुरू
डिजिटल लोकल पास की शुरुआत हो चुकी है। इसकी शुरुआत सबसे पहले दिल्ली के मुंडका-बक्कर वाला टोल प्लाजा (UER-II) पर की गई। NHAI ने कहा है कि इस सुविधा को आने वाले कुछ महीनों में देश के अन्य टोल प्लाजा पर भी लागू कर दिया जाएगा।

MargMitra डिजिटल हेल्प सेंटर लॉन्च
NHAI ने MargMitra नाम का एक डिजिटल हेल्प सेंटर भी लॉन्च किया है। इस हेल्प सेंटर के जरिए नेशनल हाईवे के यूजर्स 22 भारतीय भाषाओं में टाइप करके या बोलकर अपनी प्रॉब्लम बता सकते हैं। कोई भी जानकारी ले सकते हैं और शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसमें फास्टैग रिचार्ज, KYC, रिफंड स्टेटस, एनुअल पास और लोकल पास जैसी फैसिलिटी से जुड़ी सारी मदद मिलती है।
शिकायत दर्ज करने के बाद उसे संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है। यूजर रियल टाइम में अपनी शिकायत का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। अगर सॉल्यूशन से संतुष्ट न हो तो अपील भी कर सकते हैं। साथ ही फास्टैग ब्लैकलिस्टिंग, पेंडिंग नोटिस और रोड सेफ्टी से जुड़ी शिकायतें भी रिपोर्ट की जा सकती हैं।
80 लाख से ज्यादा पास एनुअल पास बिके
NHAI के मुताबिक एनुअल पास अब 80 लाख से ज्यादा पास बिक चुके हैं। इस जबरदस्त सफलता के बाद ये नई सुविधाएं लाई गई हैं। सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत NHAI यूजर्स को Rajmargyatra ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। ये एंड्राइड और iOS दोनों पर अवेलेबल है।

