SIP में इन्वेस्टमेंट क्या है: यह कैसे काम करता है, जानिए किन फंड्स ने दिया है पांच साल में सबसे ज्यादा रिटर्न
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बिजनेस डेस्क। कई लोग अक्सर इंवेस्टमेंट करने को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) म्यूचअल फंड अच्छा ऑप्शन है। हाउस वाइफ, बिजनेसमैन या नौकरीपेशा कोई भी इसमें निवेश कर सकते हैं। इसके लिए हर महीने 100 रुपए से शुरूआत की जा सकती है।
हर साल SIP में जमा होने वाली रकम बढ़ती जा रही है। AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया) की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में 43,921 करोड़ रुपए डिपॉजिट हुए। वहीं FY 2024-25 में 2,89,352 करोड़ जमा हुए।
SIP के फायदे क्या हैं
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SIP में कोई भी इंवेस्ट कर सकता है
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कम अमाउंट से लंबे समय में ज्यादा पैसा बना सकते हैं
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हर महीने निवेश करने से मार्केट में उतार-चढ़ाव पर एवरेज रिटर्न मिलता है
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ELSS (इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स) फंड्स में SIP करने पर 1.50 लाख तक टैक्स में छूट मिलती है।
ELSS फंड्स क्या है
ELSS एक टैक्स सेविंग म्युचूअल फंड है। इसमें आप IT की धारा 80C के तहत टैक्स बचा सकते हैं। इसका लॉक-इन पीरियड 3 साल होता है, यानी जो पैसा आप लगाते हैं, वो 3 साल से पहले नहीं निकाल सकते।
SIP कितने तरह की होती हैं
फिक्स्ड SIP: यह SIP करने का सबसे आसान तरीका है। इसमें तय रकम हर हफ्ते, महीने, तिमाही या साल में निवेश की जाती है।
फ्लेक्सिबल SIP: SIP की रकम बढ़ा या घटा सकते हैं। कुछ समय के लिए स्किप भी कर सकते हैं।
ट्रिगर SIP: ऐसे लोगों के लिए है जो शेयर मार्केट को बखूबी समझते हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए समझ सकें की कब इंवेस्ट करना है।
स्टेप-अप SIP: इसमें रकम बढ़ा सकते हैं। जैसे- मंथली SIP 6000 रुपए से कर रहे हैं। अगले 6 महीने या एक साल में 10% बढ़ाने का सोचा है, तो उस समय बढ़ाकर 6600 इंवेस्ट करेंगे।
वैल्यू एवरेजिंग इंवेस्टमेंट प्लान: इसमें शेयर मार्केट गिरने पर इंवेस्ट किया जाता है। जब बाजार गिरता है, तो खरीदारी ज्यादा की जाती है। इससे मार्केट चढ़ने पर इंवेस्टर को अच्छा रिटर्न मिलता है।
मल्टीपल SIP: निवेशक एक फंड हाउस से सिंगल SIP के जरिए
कई म्यूचल फंड्स में निवेश कर सकता है। मतलब एक SIP में पैसा लगाने पर कंपनी के सारे फंड्स में आपका पैसा इंवेस्ट हो जाएगा। इससे अलग-अलग SIP संभालने का झंझट खत्म हो जाता है।
SIP कैसे काम करती है
SIP में पैसा लगाने पर यूनिट्स मिलती हैं, जो उस समय के फंड के नेट एसेट वैल्यू (NAV) के हिसाब से होती है।
उदाहरण- अगर फंड का NAV 50 रुपए है, तो एक हजार रुपए में 20 यूनिट्स मिलेंगी। नेट एसेट वैल्यू हर महीने बदलती है। इसलिए करंट वैल्यू के हिसाब से यूनिट्स मिलती है। इसे रुपए 'कॉस्ट एवरेजिंग’ कहते हैं।
'कॉस्ट एवरेजिंग क्या है
SIP में फिक्सड पैसे लगाने पर कभी ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं तो कभी कम। कम यूनिट्स जब मिलती हैं तब फंड का दाम ज्यादा होता है। ऐसे ही ज्यादा यूनिट्स कम दाम होने पर मिलती हैं। इससे एवरेज कीमत अपने आप बैलेंस हो जाती है। इसे ही रुपए कॉस्ट एवरेजिंग कहते हैं।
SIP में निवेश से पहले ध्यान रखना चाहिए…
फाइनेंशियल गोल्स
SIP शुरू करने से पहले एक टारगेट होना चाहिए। जैसे- कार खरीदना, घर बनाना, बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट प्लानिंग होती है। इससे तय करना आसान हो जाएगा कि कितने समय में कितना पैसा लगाना है।
निवेश की रकम
SIP में शुरुआती निवेश ऐसी रकम से करें, जो जेब पर भारी न पड़े। आमदनी बढ़ने पर इंवेस्टमेंट बढ़ा सकते हैं।
निवेश की अवधि
जितने लंबे समय के लिए SIP करेंगे उतना ज्यादा इंटरेस्ट मिलेगा। मार्केट के उतार-चढ़ाव से भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। ऐसे में अपने टारगेट के अनुसार, SIP पीरियड तय करें।
SIP में निवेश कैसे करें...
स्टेप 1- SIP अकाउंट खोलने से पहले KYC जरूरी होती है। इसके लिए आपको चाहिए-
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आधार कार्ड
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पैन कार्ड
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एक फोटो
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बैंक डिटेल्स
स्टेप 2- प्लेटफॉर्म चुनें
बैंक, फोनपे, पेटीएम, ईटी मनी, ग्रो जैसे ऐप्स के जरिए SIP शुरू कर सकते हैं।
स्टेप 3- फंड चुनें
अपने टारगेट और रिस्क प्रोफाइल के मुताबिक म्यूचुअल फंड स्कीम चुनें
स्टेप 4- अमाउंट और डेट सेट करें
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तय करें कि हर महीने कितना निवेश करना चाहते हैं।
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किस तारीख को पैसे कटें, वो भी तय करें।
स्टेप 5- ऑटो-डेबिट सेट करें
अपने बैंक अकाउंट से ऑटो-डेबिट की परमिशन दें, ताकि हर महीने तय तारीख पर पैसा कट सके। चाहें तो आप इसे बंद या बदल भी सकते हैं।
SIP फंड की कैटेगरी को समझिए....
लार्ज कैप फंड्स
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ICICI प्रूडेंशियल ब्लूचिप फंड (5 साल में 24.49% रिटर्न)
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HDFC लार्ज कैप फंड (5 साल में 23.81% रिटर्न)
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आदित्य बिरला सन लाइफ इक्विटी फंड (5 साल में 22.41% रिटर्न)
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टाटा लार्ज कैप फंड (5 साल में 22.2% रिटर्न)
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कोटक ब्लूचिप फंड (5 साल में 22.18% रिटर्न)
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SBI ब्लूचिप फंड (5 साल में 21.88% रिटर्न)
मिड कैप फंड्स
- HDFC मिड कैप ऑपर्च्युनिटीज फंड (5 साल में 32.39% रिटर्न)
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Nippon इंडिया ग्रोथ फंड (5 साल में 32.61% रिटर्न)
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SBI मैग्नम मिडकैप फंड (5 साल में 31.29% रिटर्न)
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कोटक इमर्जिंग इक्विटी फंड (5 साल में 29.67% रिटर्न)
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एडलवाइस मिड कैप फंड (5 साल में 32.77% रिटर्न)
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आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मिडकैप फंड (5 साल में 29.48% रिटर्न)
स्मॉल कैप फंड्स
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Nippon इंडिया स्मॉल कैप फंड (5 साल में 38.27% रिटर्न)
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HDFC स्मॉल कैप फंड (5 साल में 33.61% रिटर्न)
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Kotak स्मॉल कैप फंड (5 साल में 33.05% रिटर्न)
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बंधन स्मॉल कैप फंड (5 साल में 35.15% रिटर्न)
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टाटा स्मॉल कैप फंड (5 साल में 33.91% रिटर्न)
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सुंदरम स्मॉल कैप फंड (5 साल में 32.2% रिटर्न)
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DSP स्मॉल कैप फंड (5 साल में 32.04% रिटर्न)
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LIC स्मॉल कैप फंड (5 साल में 31.78% रिटर्न)
फ्लेक्सी कैप फंड्स
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पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (5 साल में 27.46% रिटर्न)
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HDFC फ्लेक्सी कैप फंड (5 साल में 30.1% रिटर्न)
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DSP फ्लेक्सी कैप फंड (5 साल में 22.58% रिटर्न)
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आदित्य बिरला सन लाइफ फ्लेक्सी कैप फंड (5 साल में 22.95% रिटर्न)
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PGIM इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड (5 साल में 23.82% रिटर्न)
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मोतीलाल ओसवाल फ्लेक्सी कैप फंड (5 साल में 21.79% रिटर्न)
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UTI फ्लेक्सी कैप फंड (5 साल में 19.82% रिटर्न)
Source- Phonepe

