UPI में नए सिस्टम की तैयारी: राशन से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, अब AI से होगा पेमेंट; जानें कैसे काम करेगा
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फोटो सोर्स- UNSPLASH
बिजनेस डेस्क। UPI पेमेंट करने वालों के लिए एक और नई सुविधा मिल सकती है। दरअसल भारत में एक ऐसा फ्रेमवर्क लाने का प्लान किया जा रहा है, जिसमें AI एजेंट हर ट्रांजैक्शन की परमीशन लिए बिना छोेटे डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। UPI में एजेंटिक पेमेंट सिस्टम जुड़ने के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क बन सकता है। अभी इस फ्रेमवर्क को अमेरिका, यूरोप, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में लॉन्च किया गया है।
UPI मैकेनिज्म का इस्तेमाल करेगा
यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल को अगले हफ्ते मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में पेश किया जा सकता है। यह प्रोटोकॉल दो UPI मैकेनिज्म्स का इस्तेमाल करेगा।
पहले UPI सर्कल है, जिसमें प्राइमरी अकाउंट होल्डर किसी दूसरे यूजर जैसे कि AI एजेंट को पेमेंट करने की ऑथोरिटी देता है। दूसरा रिजर्व पे, जो यूजर को मल्टीपल डेबिट ट्रांजैक्शन के लिए फंड ब्लॉक करने की सुविधा देता है।
कैसे काम करेगा AI एजेंट पेमेंट
इस सिस्टम में यूजर्स AI एजेंट को पेमेंट करने के लिए लिमिटेड ऑथोरिटी दे सकते हैं। इससे हर ट्रांजैक्शन के लिए परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी।
यूजर्स नियम तय कर सकते हैं। जैसे कि एजेंट कब पेमेंट कर सकता है, कितना खर्च कर सकता है और किस तरह के ट्रांजैक्शन कर सकता है।
उदाहरण के लिए, AI एजेंट को एक तय बजट के अंदर राशन खरीदने के लिए सेट किया जा सकता है। सभी कंडीशन्स सेट होने के बाद AI एजेंट उस ट्रांजैक्शन के लिए यूजर से परमिशन लिए बिना पेमेंट कर सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिस्टम में स्पेंडिग लिमिट, आइडेंटिटी चेकिंग और ऑडिट ट्रेल जैसे फीचर भी मिल सकते हैं। इसके अलावा उम्मीद की जा रही है कि NPCI एक ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराएगा, जिससे मर्चेंट सीधे जुड़ सकेंगे।

ई-कॉमर्स में हो सकती है शुरुआत
माना जा रहा है कि इस सिस्टम को शुरुआत में किराना जैसी कम कीमत वाली और बार-बार की जाने वाली खरीदारी में इस्तेमाल किया जा सकता है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी इस सिस्टम को जल्दी अपना सकते हैं।
NPCI का मानना है कि समय के साथ इसके इस्तेमाल का दायरा रोजमर्रा की खरीदारी से आगे बढ़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक AI एजेंट सेल ऑफर और डिस्काउंट की पहचान कर सकते हैं। यूजर के इंस्ट्रक्शन के आधार पर ऑर्डर दे सकते हैं। साथ ही तय प्राइस लिमिट के मुताबिक इन्वेस्ट भी कर सकते हैं।
UPI ने अगस्त में पूरे किए 24.5 मिलियन से ज्यादा ट्रांजैक्शन
IMF की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, UPI ने भारत में 29.82 लाख करोड़ (314.21 मिलियन डॉलर) वैल्यू के 24.51 मिलियन ट्रांजैक्शन पूरे किए। इस मंथली ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में Google Pay और PhonePe की 75% हिस्सेदारी है।
सिक्योरिटी के क्या इंतजाम
इस सिस्टम में स्पेंडिंग लिमिट, आइडेंटिटी चेकिंग और ऑडिट ट्रेल जैसे फीचर्स भी मिल सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, NPCI एक लायबिलिटी फ्रेमवर्क बनाने का प्लान कर रहा है। हालांकि, लायबिलिटी कैसे तय की जाएगी, इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
यह इसलिए भी जरुरी है, क्योंकि AI एजेंट पेमेंट करेगा, तय इंस्ट्रक्शन से ज्यादा खर्च कर सकता है या अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन के लिए उसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल फ्रेमवर्क अभी तैयार किया जा रहा है। इसके पेश होने के बाद ज्यादा जानकारी मिल सकती है।

