ट्रम्प बोले- ट्रेड बैरियर पर मोदी से बात करूंगा: PM बोले- मुझे इंतजार रहेगा; क्या जल्द खत्म होगा टैरिफ वॉर
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तस्वीर इसी साल की है। मार्च में PM मोदी अमेरिकी दौरे पर थे। यहां उन्होंने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ चर्चा की थी।
नेशनल डेस्क। भारत और अमेरिका के रिश्ते एक बार फिर पटरी पर लौटने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी के हालिया बयान इसके सबूत हैं।
दरअसल, ट्रम्प ने मंगलवार (9 सितंबर) रात को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर लिखा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी है और इसके सम्बंध में वह जल्द ही PM मोदी से बात करेंगे। इसके जवाब में पीएम मोदी ने भी लिखा कि उन्हें ट्रम्प के कॉल का इंतजार है।
भारत पर 50% टैरिफ लगाने और पिछले एक महीने से लगातार भारत विरोधी बयानों के बाद ट्रम्प का यह रूख चौंकाने वाला है।
ट्रम्प क्या-क्या बोले?
ट्रम्प ने लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड से जुड़ी रुकावटों को दूर करने के लिए बातचीत जारी है। मैं अगले कुछ हफ्तों में अपने बहुत अच्छे दोस्त PM मोदी से इस बारे में बात करने के लिए उत्साहित हूं। मुझे विश्वास है कि एक अच्छे नतीजे तक पहुंचने में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।’
PM मोदी ने क्या जवाब दिया?
PM मोदी ने ट्रम्प के इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा- ‘भारत और अमेरिका अच्छे मित्र और सहयोगी हैं। मुझे यकीन है कि ट्रेड पर हमारी बातचीत भारत और अमेरिका के आपसी सहयोग बढ़ाने की अनिश्चित सीमाओं के रास्ते खोलेगी। हमारी टीमें इस बातचीत के अच्छे नतीजे के लिए तेजी से काम कर रही है। मुझे इस बारे में प्रेसिडेंट ट्रम्प से बातचीत का इंतजार है। हम अपने लोगों के बेहतर और सुरक्षित भविष्य के लिए साथ मिलकर काम करेंगे।’
क्या खत्म होगा टैरिफ वॉर?
डोनाल्ड ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को लेकर बातचीत जारी है। यानी पिछले 7 महीने से यह सब चल रहा है। बात न बन पाने के कारण ही अगस्त के पहले हफ्ते में ट्रम्प ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया और फिर प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल खरीदने के कारण अगस्त के आखिरी हफ्ते में 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया।
50% टैरिफ के बावजूद दोनों देशों के बीच ट्रेड पर बातचीत का दौर जारी है। दोनों देशों के विदेश मंत्रालय से लेकर वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए हैं। यह दावे भी सामने आते रहे हैं कि नवंबर तक भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो जाएगी।
हालांकि इन सब के बीच ट्रम्प के रवैये के कारण भारत का झुकाव रूस और चीन के खेमे की ओर बढ़ा है। अमेरिका के लिए भारत को इस तरह खोना एक बड़े झटके की तरह देखा जा रहा है। यह बात अमेरिका के कई राजनेता और कूटनीतिक विशेषज्ञ लगातार दोहरा रहे हैं। संभव है कि भारत के अमेरिका से मुंह मोड़ने पर ट्रम्प को गलती का एहसास हुआ हो और वह ट्रेड पर चल रही बातचीत में कुछ हद तक नरम रूख अपनाएं।

