ITR Filing 2026: 31 जुलाई आखिरी मौका, सिर्फ 2 दिन बाकी; डेडलाइन बढ़ाने पर सरकार का बड़ा अपडेट, इन 7 गलतियों से जरूर बचें
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बिजनेस डेस्क। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का आखिरी समय आ गया है। आम टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइलिंग करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की डेडलाइन में सिर्फ 2 दिन बचे हैं। ऐस में लाखों टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न पूरे करने और देर से फाइल करने के नतीजों से बचने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन कर रहे हैं।
ज्यादातर व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स (जिनमें सैलरी पाने वाले कर्मचारी और वे लोग शामिल हैं जिन्हें अपने अकाउंट्स का ऑडिट कराने की ज़रूरत नहीं है) के लिए 31 जुलाई, 2026 आखिरी तारीख है। ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की डेडलाइन में बस दो दिन बचे हैं, इसलिए लाखों टैक्सपेयर्स अपने रिटर्न पूरे करने और देर से फाइल करने के नतीजों से बचने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन कर रहे हैं।
जैसे-जैसे डेडलाइन नजदीक आ रही है, टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी मिनट का इंतज़ार न करें, क्योंकि ई-फाइलिंग पोर्टल पर ज्यादा ट्रैफिक होने से देरी या टेक्निकल समस्याएं आ सकती हैं। इसलिए पहले से भरी हुई जानकारी को वेरिफाई करना, फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) से जानकारी का मिलान करना, सही ITR फॉर्म चुनना और फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन पूरा करना बहद जरूरी है, क्योंकि बिना वेरिफाई किए गए रिटर्न को अधूरा माना जाता है।
वहीं टैक्सपेयर्स जानना चाहते हैं कि क्या सरकार ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ाएगी। हालांकि, अभी तक 31 जुलाई की ड्यू डेट को आगे बढ़ाने के बारे में कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं किया गया है। ऐसे में टैक्सपेयर्स को अटकलों या सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा न करके तय समय-सीमा के अंदर अपना रिटर्न फाइल करने का प्लान बानाना चाहिए।

क्या आपको ITR डेडलाइन बढ़ने का इंतजार करना चाहिए?
हर साल जैसे-जैसे 31 जुलाई की तारीख नजदीक आती है, टैक्सपेयर्स में ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ने की अटकलें तेज हो जाती हैं। हालांकि, जब तक सरकार की तरफ से कोई ऑफिशियल नोटिफिकेशन ना आए तब तक टैक्सपेयर्स को यही मानना चाहिए कि तय तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा और उन्हें डेडलाइन से पहले ही अपनी फाइलिंग पूरी कर लेनी चाहिए।
अगर आप गलत ITR फॉर्म भरते हैं तो क्या होगा?
अगर आपने गलत ITR फॉर्म चुन लिया तो आपका रिटर्न खराब या इनवैलिड हो सकता है। अगर ITR फाइल करने के बाद आपको अपनी गलती का पता चलता है, तो आपको तय समय-सीमा के अंदर सही फॉर्म का इस्तेमाल करके एक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना पड़ सकता है। टैक्सपेयर्स को ITR-1, ITR-2, ITR-3 या ITR-4 को चुनने से पहले एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के बारे में पता कर लेना चाहिए।

टैक्सपेयर्स को इन आम गलतियों से बचना चाहिए-
- गलत ITR फॉर्म चुनना
- ब्याज से होने वाली इनकम की जानकारी न देना
- कैपिटल गेन्स को नज़रअंदाज करना
- गलत डिडक्शन का दावा करना
- फाइल करने के बाद रिटर्न को वेरिफाई न करना
- बैंक अकाउंट की गलत जानकारी देना
टैक्सपेयर्स को रिटर्न सबमिट करने से पहले ध्यान से देखना चाहिए।
आपको 31 जुलाई तक इंतजार क्यों नहीं करना चाहिए
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि टैक्सपेयर्स को डेडलाइन डेट का इंतजार नहीं करना चाहिए, क्योंकि-
- इनकम टैक्स पोर्टल पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक हो सकता है।
- बैंक सर्वर को टैक्स पेमेंट प्रोसेस करने में समय लग सकता है।
- AIS और फॉर्म 26AS में कुछ कमी होने पर इसे सही करने की जरूरत पड़ सकती है।
- गलत फाइलिंग होने पर सुधार करने के लिए बहुत कम बचेगा।
- इसके अलावा ITR जल्दी फाइल करने से आम तौर पर रिफंड प्रोसेस भी तेजी से होता है।

लेट ITR फाइलिंग करने पर क्या पेनल्टी लगेगी?
अगर टैक्सपेयरेस 31 जुलाई की डेडलाइन मिस कर देता है तो उसे फाइनेंशियल समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं टैक्सपेयर्स के ड्यू डेट के बाद बिलेटेड रिटर्न फाइल (Belated Return File) करने पर इन चीजों का सामना करना पड़ सकता है:
- सेक्शन 234F के तहत लेट फाइलिंग फीस देनी पड़ेगी।
- सेक्शन 234A के तहत अनपेड टैक्स पर इंटरेस्ट, जहां लागू हो
- रिफंड की प्रोसेसिंग में देरी
- इनकम टैक्स एक्ट 1961 के प्रोविज़न के तहत कुछ लॉस को कैरी फॉरवर्ड करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
लेट फाइलिंग फीस इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत टैक्सेबल इनकम और दूसरी शर्तों पर डिपेंड करती है।
इनकम टैक्स पोर्टल से ITR फाइल करने का तरीका
- इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं।
- अपने PAN/आधार क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
- ‘File Income Tax Return’ पर क्लिक करें।
- असेसमेंट ईयर 2026-27 चुनें।
- एप्लिकेबल ITR फॉर्म चुनें।
- पहले से भरी हुई जानकारी को वेरिफाई करें।
- अपनी इनकम, डिडक्शन और दिए गए टैक्स की जानकारी दें।
- रिटर्न सबमिट करें।
- आधार OTP, नेट बैंकिंग, बैंक अकाउंट या डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल करके ई-वेरिफिकेशन पूरा करें।
बता दें कि वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही ITR फाइलिंग पूरी मानी जाती है।

क्या ITR के लिए डेडलाइन बढ़ाई गई है?
टैक्सपेयर्स के लिए अभी तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई से आगे बढ़ाने के बारे में कोई ऐलान नहीं किया गया है। टैक्सपेयर्स को सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर भरोसा करने से बचना चाहिए और ड्यू डेट से पहले ITR फाइलिंग के प्रोसेस को पूरा कर लेना चाहिए।
किन लोगों को 31 जुलाई तक ITR फाइल करना है?
31 जुलाई 2026 की डेडलाइन ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए जरुरी है, जो ITR-1 (सहज) और ITR-2 फाइल करते हैं। साथ ही उन्हें टैक्स ऑडिट कराने की भी जरूरत न हो। बता दें कि 31 जुलाई की डेडलाइन आम तौर पर इन पर लागू होती है-
- सैलरी पाने वाले लोग
- पेंशन पाने वाले लोग
- घर की प्रॉपर्टी से इनकम पाने वाले लोग
- कैपिटल गेन (Capital Gains) कमाने वाले टैक्सपेयर्स
- प्रिजम्पटिव टैक्सेशन के तहत बिजनेस से इनकम पाने वाले लोग (जहां एप्लिकेबल हो)
- ऐसे टैक्सपेयर्स जिन्हें अपने अकाउंट्स का ऑडिट कराने की जरूरत नहीं है।
बता दें कि जिन टैक्सपेयर्स के अकाउंट्स को ऑडिट कराना जरूरी है, उनके लिए इनकम टैक्स एक्ट के तहत अलग डेडलाइन होती है।
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