सोना असली है या नकली कैसे परखें: 24 कैरेट गोल्ड होता है 99.9% शुद्ध, हॉलमार्क कैसे चेक करें; धनतेरस पर गोल्ड खरीदने से पहले क्या जनाना जरूरी
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सोना खरीदते समय ग्राहक को इसकी शुद्धता की जानकारी होना जरूरी है। (फोटो सोर्स- PTI)
बिजनेस डेस्क। धनतेरस के दौरान सोना खरीदना और उसमें निवेश करना सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक बना हुआ है। साथ ही ये एक स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग भी है। भारत में हर साल इस फेस्टिव सीजन में सबसे ज्यादा सोना खरीदा जाता है। परंपरा के अनुसार, लोग शुभ अवसरों पर आभूषण, सिक्के और अन्य कीमती धातुएं खरीदते हैं। जिन लोगों ने पिछले साल धनतेरस के आसपास सोना खरीदा था, उन्हें हाल ही में सोने की कीमतों में आई गिरावट (रिकॉर्ड ऊंचाई से सुधार) के बावजूद अभी भी फायदा हो रहा है।
हालांकि सोने की कीमतें अपने ऑल टाइम हाई लेवल से नीचे आई हैं। फिर भी ये एक साल पहले के स्तर से काफी ऊपर हैं। इससे उन निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है, जिन्होंने पिछले साल के फेस्टिव सीजन के दौरान सोना खरीदा था।
6 नवंबर सोने-चांदी का भाव
वहीं, आज सोने और चांदी के दाम में आज (6 नवंबर) धनतेरस पर गिरावट है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट आज 1,41,023 रुपए पर है। कल (5 नवंबर) सोने का भाव 1,44,129 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस हिसाब से सोने के दाम में आज 3,106 रुपए की गिरावट है। वहीं एक किलो चांदी का दाम आज 1,81,863 रुपए पर है। कल सिल्वर का रेट 1,87,300 रुपए प्रति किलो पर था। इस हिसाब से चांदी आज 5,437 रुपए सस्ती हो गई है।
गोल्ड खरीदने से पहले क्या जानना जरूरी है
सोना खरीदते समय इसकी शुद्धता की जानकारी होना जरूरी है। अगर ऐसा न हो तो ठगे जाने का खतरा रहता है और पैसे की पूरी वैल्यू नहीं मिलती। अगर आप गोल्ड की प्योरिटी को सही से समझ लें तो बेहतर और समझदारी से फैसला ले सकते हैं। सोने की शुद्धता को कैरेट में मापा जाता है। जितना ज्यादा कैरेट होगा उतना ही सोना शुद्ध होगा। कम कैरेट में सोने को चांदी या तांबे जैसी दूसरे मेटल्स से मिलाया जाता है।
उदाहरण के तौर पर 24 कैरेट सोना पूरी तरह शुद्ध होता है, यानी 99.9% प्योर। 22 कैरेट सोना 91.6 परसेंट प्योर होता है। वहीं 18 कैरेट सोने में 75% शुद्धता होती है। आप अपने बजट और पसंद के हिसाब से कैरेट चुन सकते हैं। प्योर गोल्ड बहुत सॉफ्ट होता है, इसलिए रोजाना पहनने वाली ज्वेलरी बनाने के लिए दूसरे मेटल्स को मिलाना पड़ता है ताकि वो टिकाऊ बनी रहे।

हॉलमार्क और शुद्धता को कैसे परख सकते हैं
सोना खरीदते वक्त सबसे जरूरी चीज है- BIS का स्टैंप देखना। हर सोने की चीज पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) का हॉलमार्क होता है। इसमें BIS का लोगो, सोने की शुद्धता (22K या 18K), हॉलमार्क नंबर और हॉलमार्किंग के साल जैसी जानकारी होती है। इसके अलावा सोने पर HUID कोड (हॉलमार्क यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर) भी होना चाहिए। ये हर गोल्ड आइटम के लिए अलग-अलग होता है। ये अल्फान्यूमैरिक (अक्षर और नंबर मिलाकर) टाइप का होता है। इससे हर आइटम को ट्रैक किया जा सकता है।
सोने की टेस्टिंग कैसे कर सकते हैं
BIS मार्क होने के बावजूद अगर सोने की शुद्धता पर शक हो, तो कुछ और टेस्ट भी हैं, जिन्हें खुद के जोखिम पर आजमा सकते हैं...
एसिड टेस्ट: ये सिर्फ किसी एक्सपर्ट को ही करने दें, क्योंकि सोना खराब होने का डर रहता है। ये सबसे आम टेस्ट है, लेकिन थोड़ा मुश्किल भी। इसमें सोने पर नाइट्रिक एसिड की एक बूंद डालकर टेस्ट किया जाता है। 100% शुद्ध सोना कुछ रिएक्ट नहीं करता, क्योंकि ये नोबल मेटल है। लेकिन फेक या अशुद्ध सोना हरा या दूध के रंग का हो जाता है।
मैग्नेट टेस्ट: सोना मैग्नेटिक नहीं होता है तो इसे मजबूत मैग्नेट के पास लाने से कुछ नहीं होगा। लेकिन अगर इसमें कोई मैग्नेटिक मेटल मिला होगा, तो सोना मैग्नेट से चिपक जाएगा। ये टेस्ट मुख्य रूप से ये चेक करने के लिए है कि सोना नकली तो नहीं है।

डेंसिटी टेस्ट: इसमें सोने का वजन और वॉल्यूम नापकर शुद्धता पता की जाती है। इसके लिए मार्केट में कम वेट तोलने की मशीनें होती हैं। इनसे सोने का वजन नाप लें। इसके बाद एक बर्तन को पूरी तरह से पानी से भर लें। गोल्ड आइटम को उसमें डुबोएं। जितना पानी बर्तन से बाहर निकल आए, उसे मापें। यही सोने का वॉल्यूम है। अब वजन को वॉल्यूम से डिवाइड करें। जैसे- 10 ग्राम/0.5 cm³ = 20 g/cm³। यही आपके गोल्ड आइटम की डेंसिटी है। शुद्ध गोल्ड की डेंसिटी 19.3 ग्राम प्रति क्यूबिक सेंटीमीटर (g/cm³) होती है। अगर आपका नतीजा इससे ज्यादा या बराबर हो, तो सोना शुद्ध है। कम हो तो मिलावट है।
गोल्ड की टेस्टिंग के लिए अन्य तरीके भी हैं। इलेक्ट्रॉनिक मशीन जैसे एक्स-रे फ्लोरेसेंस (XRF), इलेक्ट्रॉनिक टेस्टर और अल्ट्रासोनिक टेस्टर से भी गोल्ड प्योरिटी चेक की जा सकती है। ये सभी मेथड बहुत सटीक होते हैं। लेकिन इन्हें प्रोफेशनल ज्वेलर ही कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके पास सही टूल्स होते हैं, जो सबसे एक्यूरेट रिजल्ट देते हैं।

