कोरोना के बावजूद 2020 में धनतेरस पर 40 टन सोना बिका: दाम बढ़े तो 2024 में 25 टन पर आ गई बिक्री; ऐसी रही बीते 5 साल में गोल्ड सेक्टर की दीपावली
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2020 में करीब 20,000 करोड़ रुपए की गोल्ड की खरीदारी हुई थी। (सिम्बॉलिक इमेज)
बिजनेस डेस्क। इस साल (2025) की शुरुआत से ही सोने के भाव में रिकॉर्ड तेजी रही है। अब यह 1.30 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है। 2023 में धनतेरस पर 22 कैरेट सोने की कीमत 55,368 रुपए थी। 2024 में जब ये 72 हजार के पार हुई तो खरीदारी में लगभग 15 टन की कमी आ गई। ऐसे में इस बार जब सोने के दाम आसमान छू रहे हैं तो गोल्ड मार्केट में धनतेरस कैसी रहेगी, यह देखना दिलचस्प रहेगा।
बहरहाल, इस खबर में हम पिछली 5 धनतेरस का डाटा लेकर आए हैं। इसके सहारे हम यह जानेंगे कि इस खास दिन गोल्ड रेट के घटने-बढ़ने का असर खरीदारी पर कितना होता है? हम यह भी देखेंगे कि इस दिन गोल्ड खरीदारी में और क्या-क्या फैक्टर मायने रखते हैं।
2020 में 20,000 करोड़ की गोल्ड बिक्री
2020 में धनतेरस पर सोने की बिक्री 2019 के मुकाबले करीब 30% बढ़ी थी। बिजनेस स्टैंडर्ड ने इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के हवाले से बताया था कि उस साल फेस्टिवल के दौरान लोगों ने 20,000 करोड़ रुपए का सोना खरीदा। इसके चलते धनतेरस पर देशभर में करीब 40 टन सोना बिका। 2019 में 30 टन सोना बिका था, जिसकी कीमत कुल 12000 करोड़ रुपए रही थी।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 2020 में धनतेरस पर बिक्री में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण उससे ठीक पहले के आठ महीनों में ज्वेलरी की बिक्री में कमी रहना था। इसके चलते डिमांड एकदम बढ़ी थी। दरअसल, 2020 में कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन लग गया था। सभी मार्केट पूरी तरह बंद थे। तब शादी के सीजन में सोने की बिक्री न के बराबर हुई। जब लॉकडाउन खुला और दीपावली आई तो लोगों ने जमकर खरीदारी की। लोगों ने शादियों के लिए दीपावली पर ही खरीदारी कर डाली थी। तब गोल्ड रेट 50,986 के करीब था।
2021 में धनतेरस पर 15 टन बिका सोना
2021 में कोरोना की दूसरी लहर के कारण बाजार फिर से ठंडे पड़ गए। दीपावली तक कोविड का असर कम हो गया था लेकिन बाजार में रौनक नहीं लौट पाई। नतीजा यह हुआ कि 2021 के मुकाबले ज्वेलरी कम बिकी। उस साल धनतेरस पर ज्वेलर्स ने करीब 15 टन सोना बेचा यानी करीब 7500 करोड़ रुपए की सेल हुई। गोल्ड रेट 47,644 होने के बावजूद लोगों ने कम ज्वेलरी खरीदी।
2022 में हाई प्राइस के बावजूद जोरदार बिक्री
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में दीपावली के पहले दो दिन यानी धनतेरस और छोटी दीपावली पर सोने की जोरदार खरीदारी हुई। इस दौरान करीब 39 टन सोना बेचा गया। कुल 19,500 करोड़ रुपए की बिक्री हुई। ये 2021 की तुलना में डबल से ज्यादा थी। हालांकि इसमें ज्वेलरी के साथ-साथ कॉइन्स और बार का डाटा भी शामिल किया गया।
इस साल सोने के हाई प्राइस के बावजूद कस्टमर ने अच्छी खरीदारी की। दोनों ही दिन सोने की कीमत 50,139 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। ये पिछले साल यानी 2021 में धनतेरस की तुलना में ढाई हजार ज्यादा थी। एक्सपर्ट्स ने बताया था कि पूरे साल में करीब 80% खरीदारी केवल ज्वेलरी की रही।
2023 में धनतेरस पर 41 टन सोना सेल हुआ
2023 में पिछले तीन साल के मुकाबले सबसे अच्छी सेल रही। करीब 41 टन सोना बिका। मिंट के मुताबिक, इस दौरान ज्वेलरी और सिक्के मिलाकर करीब 400 टन चांदी बिकी। इसके चलते गोल्ड और सिल्वर की बिक्री का टर्नओवर 30,000 करोड़ रुपए रहा। इसमें सोने की बिक्री का हिस्सा करीब 27,000 करोड़ था, जबकि चांदी का ₹3,000 करोड़ रहा। तब 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 60,445 रुपए और 22 कैरेट सोने की कीमत 55,368 रुपए थी।
ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के डाटा के मुताबिक, महाराष्ट्र में अकेले 8-10 टन सोना बिका, जो कुल बिक्री का बड़ा हिस्सा था।
2024 में 15 टन गोल्ड कम बिका
2024 में धनतेरस पर करीब 22-25 टन सोने की बिक्री हुई। दाम के हिसाब से कुल सेल 16,000 करोड़ रुपए रही। यानी करीब 15 टन सोना कम बिका। यह गिरावट गोल्ड प्राइस में 15-20 परसेंट की बढ़ोतरी के कारण रही। दरअसल, तब सोना अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। IBJA के डेटा के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव 78,846 रुपए पर था। 22 कैरेट गोल्ड भी 72 हजार के पार था।

