E20 पेट्रोल पर भ्रम फैलाने वालों को सरकार का जवाब: न इंश्योरेंस क्लेम रद्द हो रहा, न चींटियां लग रही, कहा- एथेनॉल ब्लेंडिंग से बचाए 1.4 लाख करोड़ रुपए
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बिजनेस डेस्क। सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कहीं कहा जा रहा है कि इससे बीमा क्लेम रद्द हो सकता है, तो इंजन खराब होने और चींटियां लगने जैसी बातें सामने आ रही हैं। अब पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन सभी दावों पर सफाई दी है। कहा है कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल सुरक्षित है। इससे व्हीकल ओनर के इंश्योरेंस क्लेम पर कोई असर नहीं पड़ता।
मंत्रालय ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडेड कई देशों में लंबे समय से अपनाई जा रही है। अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ी का इंश्योरेंस क्लेम इनवेलिड होने की बात गलत है।
पेट्रोल में गन्ने का रस मिलाया जाता है?
सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल में गन्ने का रस मिलाया जा रहा है। सरकार ने इसे भ्रामक और बेबुनियाद बताया है। मंत्रालय के मुताबिक, ईंधन में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल इंडस्ट्रियल प्रोसेस के जरिए तैयार किया जाता है। क्वालिटी स्टैंडर्ड पर खरा उतरने के बाद ही पेट्रोल में मिलाया जाता है।
एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने का रस, मोलासेस, टूटे हुए चावल और मक्का का उपयोग किया जाता है। कई चरणों की प्रोसेसिंग और फर्मंटेशन के बाद एथेनॉल के गुण उसके मूल कच्चे पदार्थों से पूरी तरह अलग हो जाते हैं।
E20 पेट्रोल में चींटिंया लगने का दावा गलत
हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें किसी गाड़ी के फ्यूल टैंक के पास चींटियां दिखाई दे रही थीं। इस पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने स्पष्ट किया है कि ईंधन ग्रेड एथेनॉल फर्मेंटेशन और डिस्टिलेशन प्रोसेस से तैयार किया जाता है। जिससे उसमें मौजूद चीनी पूरी तरह खत्म हो जाती है। कंपनी के अनुसार, फ्यूल एथेनॉल में ऐसे रासायनिक पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो कीड़ों को दूर रखते हैं। E20 पेट्रोल में ऐसा कोई तत्व नहीं होता जो चींटियों या अन्य कीड़ों को अट्रैक्ट करें।
इंजन खराब होने की कोई शिकायत नहीं
मंत्रालय ने कहा कि सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की लगातार निगरानी कर रही है। इसके लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, व्हीकल मैन्युफैक्चरर, ईंधन परीक्षण एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ नियमित समीक्षा की जाती है।
सरकार के मुताबिक, E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से इंजन फेल होने या वाहनों के खराब होने जैसी कोई व्यापक शिकायत सामने नहीं आई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी प्रकार के ईंधन में पानी का जाना नुकसानदायक होता है। चाहे वह एथेनॉल पेट्रोल हो या नॉर्मल। मॉडर्न गाड़ियों में फ्यूल टैंक में पानी जाने से रोकने के लिए कई सेफ्टी फीचर दिए जाते हैं।
एथेनॉल ब्लेंडिंग से देश को हुआ बड़ा फायदा
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की वजह से भारत ने कच्चे तेल के आयात में कमी लाकर अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की फॉरेन करेंसी बचाई है। इसके अलावा एथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली कृषि उपज की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों की आय को सहारा मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
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