चार तरह से कराई जाती है कार की टक्कर: फिर मिलती है सेफ्टी रेटिंग; जानें आपकी गाड़ी कितनी सुरक्षित
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(सिम्बॉलिक इमेज)
एक वक्त था जब भारत में लोग लुक और माइलेज देखकर कार खरीदते थे। अब सेफ्टी सबसे ज्यादा जरूरी पॉइंट हो गया है। तमाम एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ अब यह भी देखा जाता है कि कार सुरक्षा के हिसाब से सही है या नहीं। ऐसे में कारों की सेफ्टी रेटिंग बेहद जरूरी होती है।
भारत में सेफ्टी रेटिंग ‘भारत एनकैप’ कार क्रैश टेस्ट एजेंसी देती है। केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2023 में इसकी शुरुआत की थी। हालांकि इससे पहले ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Global NCAP) भारत में कारों की सेफ्टी रेटिंग जारी करता था।
चार तरह से की जाती है कारों की टेस्टिंग......
कारों को अलग-अलग तरह से क्रैश कराया जाता है। इसमें कार और उसमें मौजूद डमी को होने वाले नुकसान को देखते हुए सेफ्टी रेटिंग दी जाती है।
फ्रंट इम्पैक्ट टेस्ट: कार के फ्रंट हिस्से को दीवार से टकराया जाता है। इस दौरान गाड़ी की स्पीड 64 किमी प्रति घंटा होती है। इसमें यह देखा जाता है कि टक्कर की स्थिति में ड्राइवर और आगे बैठा व्यक्ति कितना सुरक्षित है।
फोटो सोर्स- Bharat Ncap
साइड इम्पैक्ट टेस्ट: इसमें कार को साइड से टक्कर दी जाती है। टकराने वाली चीज की स्पीड 50 km/h होती है। इस टेस्ट में देखा जाता है कि यात्री को कितना नुकसान पहुंचा है।
फोटो सोर्स- Bharat Ncap
पोल साइड इम्पैक्ट टेस्ट: कार को 29 km/h की रफ्तार से पोल से रगड़ते हुए गुजारा जाता है। इससे पता चलता है कि कार का ढांचा कितना सुरक्षित है।
फोटो सोर्स- Bharat Ncap
सेफ्टी फीचर्स का एनालिसिस: एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम को भी एक्सपर्ट्स बारीकी से देखते हैं।
इन चारों टेस्ट में गाड़ी को जो नंबर मिलते हैं। उन्हें एनालिसिस कर कार को सेफ्टी रेटिंग दी जाती है
दो तरह की होती है रेटिंग
‘भारत एनकैप’ एडल्ट और चाइल्ड दो तरह की रेटिंग देती है। चाइल्ड के लिए 49, एडल्ट के लिए 32 प्वाइंट्स में से रेटिंग दी जाती है। नियमों के मुताबिक, चाइल्ड सेफ्टी में 5 स्टार रेटिंग के लिए 41 प्वाइंट्स चाहिए होते हैं। वहीं एडल्ड सेफ्टी में 27 नंबर मिलना जरूरी होता है।
भारत एनकैप ने इन गाड़ियों को दिए 5 स्टार
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मारुति सुजुकी- डिजायर
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किआ- सिरोस
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स्कोडा- कायलाक
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हुंडई- टक्सन
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महिंद्रा- XEV 9e, BE6, थॉर रॉक्स, XUV 400 ईवी, XUV 3XO
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टाटा- कर्व, नेक्सन, पंच, सफारी, हैरियर
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सिट्रोएन- बेसाल्ट

