कार लोन इंटरेस्ट रेट मई 2026: यूनियन और PNB बैंक में 7.65% तक ब्याज; जानें सरकारी और प्राइवेट बैंकों की दरें
Published:
3 min read

फाइल फोटो
बिजनेस डेस्क। अगर आप कार लोन लेने का सोच रहे हैं तो आपको EMI चुकाने का प्लान जरूर बना लेना चाहिए। सही प्लानिंग करने से आप कर्ज के चक्र में नहीं फंसेंगे। मई 2026 में कार लोन की ब्याज दरें बेहतर हैं। सरकारी बैंकों में ये 7.60% से शुरू हो रही हैं, जबकि कुछ प्राइवेट बैंकों में ये करीब 10% तक जा सकती हैं। सही बैंक चुनना और समय पर EMI चुकाना बहुत जरूरी है। क्योंकि इससे आपकी EMI, लोन अमाउंट, अवधि और टोटल खर्च तय होता है। कई बार लोग पहले लोन ले लेते हैं और बाद में सोचते हैं कि कैसे चुकाएंगे। ये एक रिस्क वाला तरीका है। आइये कुछ सरकारी और प्राइवेट के कार लोन रेट्स जानते हैं...
सरकारी बैंक के कार लोन रेट...
बैंक | इंटरेस्ट रेट |
यूनियन बैंक | 7.60% |
बैंक ऑफ बड़ौदा | 7.60% |
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) | 7.65% |
केनरा बैंक | 7.95% |
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) | 8.90% |
प्राइवेट बैंक के कार लोन रेट...
बैंक | इंटरेस्ट रेट |
IDBI बैंक | 7.75% |
ICICI बैंक | 8.50% |
एक्सिस बैंक | 8.95% |
HDFC बैंक | 9% |
IDFC फर्स्ट बैंक | 9.99% |
नोट- डेटा संबंधित बैंकों की वेबसाइट से 2 मई 2026 तक लिया गया है।
पांच प्वॉइंट्स में जानें लोन लेने वालों को किन गलतियों से बचना चाहिए...
जरूरत से ज्यादा लोन लेना
कस्टमर्स के जरूरत से ज्यादा लोन लेने से EMI और ब्याज का बोझ बढ़ता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि पर्सनल लोन का फैसला सोच-समझकर और प्लानिंग के साथ लें। सिर्फ उतना ही लोन लें, जितना जरूरी हो।
टर्म्स-कंडीशंस को नजरअंदाज करना
हर लोन के साथ कुछ टर्म्स और कंडीशंस होती हैं, जैसे इंटरेस्ट रेट्स, प्रोसेसिंग फीस, लोन की अवधि और EMI का शेड्यूल। अगर आप हाइड पेमेंट या प्रीपेमेंट पेनल्टी को नजरअंदाज करते हैं, तो खर्च अचानक बढ़ सकता है। इसलिए हमेशा लोन के कागजात की बारीकियां ध्यान से पढ़ें और समझें।
इंटरेस्ट रेट की अनदेखी करना
लोन की ब्याज दर में थोड़ा सा फर्क भी लंबे समय में आपके चुकाने वाले टोटल अमाउंट पर बड़ा असर डाल सकता है। कई लोग सिर्फ लोन की रकम या अवधि पर ध्यान देते हैं और ब्याज दर को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे बाद में ज्यादा खर्च बढ़ जाता है।
लोन लेने से पहले कई बैंकों या लेंडर्स के इंटरेस्ट रेट की तुलना करना जरूरी है। एजेंट्स की सलाह पर पूरी तरह भरोसा न करें, क्योंकि वो हमेशा निष्पक्ष सलाह नहीं देते। सबसे कम ब्याज दर चुनकर आप ढेर सारा पैसा बचा सकते हैं। साथ ही फाइनेंशियल टेंशन से बच सकते हैं।
कई जगहों से लोन लेना
एक साथ कई लोन लेना भारी पड़ सकता है। अगर बिना सोचे-समझे कई सारे पर्सनल लोन ले लिए, तो EMI चुकाने का दबाव आपकी इनकम से ज्यादा हो सकता है। इससे फाइनेंशियल टेंशन बढ़ता है और लोन डिफॉल्ट का खतरा रहता है।
स्टेबिलिटी बनाए रखने के लिए एक साथ कई लोन लेने से बचें। नया लोन लेने से पहले अपनी कमाई और चुकाने की क्षमता को अच्छे से समझें।
EMI लेट या मिस्ड करना
अगर आप अपनी EMI टाइम पर नहीं चुकाते हैं तो मुश्किल हो सकती है। इससे लेट पेमेंट की पेनल्टी और एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ सकता है। साथ ही आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है, जिससे भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो जाएगा। अगर आप बार-बार पेमेंट मिस करते हैं, तो लेंडर आपके खिलाफ कोर्ट भी जा सकता है। लोन लेने से पहले सुनिश्चित करें कि आप EMI टाइम पर चुका सकते हैं या नहीं।

