IPL का शेड्यूल बदलना चाहिए: ललित मोदी बोले- अक्टूबर से अप्रैल के बीच लीग हो, जिसमें 94 मैच होने चाहिए
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पिछले दो IPL सीजन विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने जीते हैं। इस दौरान रजत पाटीदार टीम के कप्तान रहे। (फोटो सोर्स )
स्पोर्ट्स डेस्क. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाउंडिंग चेयरमैन लालित मोदी (Lalit Modi) ने अगले सीजन को लेकर सुझाव दिया है। उन्होंने शेड्यूल बदलने और ज्यादा मैच कराने की बात कही है। ललित मोदी का मानना है कि IPL के लिए अक्टूबर से अप्रैल के बीच का समय सही हो सकता है। उन्होंने जनवरी में टूर्नामेंट शुरू करने और मैचों की संख्या बढ़ाकर 94 करने की बात कही है।
Cricbuzz को दिए इंटरव्यू में मोदी ने ICC चेयरमैन जय शाह (Jay Shah) अपील की है कि IPL विंडो के हिसाब से इंटरनेशनल और ICC टूर्नामेंट का शेड्यूल बनाएं। ताकी दोनों में टकराव ना हो।

94 मैच के लिए लंबा विंडो जरूरी
लालित मोदी कहा-
IPL की शुरुआत 2008 में 8 टीमों और 59 मैचों के साथ हुई थी। अब लीग में 10 टीमें हैं। होम-अवे फॉर्मेट में हर टीम दूसरी टीम से 2 बार खेलना चाहिए। इससे लीग स्टेज में 90 मैच होंगे। 4 प्लेऑफ मुकाबले मिलाकर टूर्नामेंट में कुल 94 मैच होने चाहिए।
यह शुरुआती फॉर्मेट से 35 मैच ज्यादा हैं। मैच की संख्या में करीब 60% का इजाफा होगा। इतने मैच छोटे विंडो में कराने से प्लेयर्स, फैन्स और ऑर्गेनाइजर्स पर प्रेशर बढ़ेगा। अप्रैल से मई की विंडो 2008 में उपलब्ध थी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि IPL हमेशा इन्हीं महीनों में होना चाहिए।
मैं अक्टूबर से अप्रैल के आखिर तक IPL के लिए सही विंडो तलाशने का सुझाव देता हूं। इसके लिए इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के कैलेंडर में बदलाव करना होगा। ICC के नए फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) में इस पर चर्चा होनी चाहिए। टेस्ट सीरीज और घरेलू क्रिकेट के लिए भी सही समय तय करना होगा। खिलाड़ियों को तैयारी और आराम का मौका मिलना चाहिए।
IPL के दौरान गर्मी एक बड़ी समस्या है। शाम के मैच में भी खिलाड़ियों, दर्शकों, ग्राउंड स्टाफ, सिक्योरिटी और ब्रॉडकास्ट टीम को कई घंटे गर्मी में काम करना पड़ता है। दोपहर के मैच में भी परेशानी होती है, इसलिए अक्टूबर से अप्रैल के बीच तारीख और वेन्यू का चुनाव सोच-समझकर करना होगा।
जनवरी से मार्च के बीच ओस भी चुनौती बन सकती है। इससे दूसरी पारी में बैटिंग करने वाली टीम को फायदा मिल सकता है। मेरे मुताबिक, हर ग्राउंड पर ओस, तापमान, बारिश, कोहरा और एयर क्वालिटी को ध्यान में रखना चाहिए
IPL ने 2025 में ओस से निपटने के लिए वेट-बॉल रिप्लेसमेंट का नियम भी लागू किया था। किसी वेन्यू की कंडीशन सही नहीं होने पर उसके होम मैच दूसरे शहर में कराने पर विचार किया जा सकता है।
IPL में अभी काफी कमर्शियल पोटेंशियल है। इसकी वैल्यू प्लेयर्स की उपलब्धता, भरोसेमंद कैलेंडर, मैचों की क्वालिटी, ऑडियंस की दिलचस्पी और राइट्स की पैकेजिंग पर निर्भर करेगी। सिर्फ टूर्नामेंट का विंडो बढ़ाने से इसकी कीमत अपने आप नहीं बढ़ेगी।
आने वाले समय में बाइलेटरल सीरीज और ICC मीडिया राइट्स से होने वाली कमाई पर दबाव आ सकता है। IPL BCCI का सबसे बड़ा कमर्शियल इंजन है। हालांकि, तारीख बदलने का मतलब इंटरनेशनल क्रिकेट को खत्म करना या उसके राइट्स को IPL के साथ जोड़ना नहीं है। फैसला लेते समय दोनों से होने वाली कमाई और दूसरे बोर्ड्स के हितों को भी ध्यान में रखना होगा।
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जय शाह को सभी क्रिकेट बोर्ड से बात करनी चाहिए
लालित मोदी ने ICC चेयरमैन जय शाह से भी अपील की है कि वे इस प्रस्ताव पर सभी क्रिकेट बोर्ड से बात करें। उनके मुताबिक, भारतीय बोर्ड IPL का नया फॉर्मेट तैयार कर सकता है, लेकिन इसे लागू करने के लिए बाकी बोर्ड के हित भी समझने होंगे। विदेशी खिलाड़ियों को रिलीज करने और उनके डेवलपमेंट के लिए सही इंतजाम जरूरी हैं।
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