SSC के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन: बिना सूचना परीक्षाएं रद्द, सेंटर्स पर सिस्टम क्रैश... जानें दिल्ली में सड़कों पर उतरने को क्यों मजबूर हुए स्टूडेंट?
Published:
4 min read

दिल्ली के जंतर-मंतर पर गुरुवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की
स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) भर्ती परीक्षा फेज-13 में मिसमैनेजमेंट को लेकर छात्रों का दिल्ली समेत देश के कई शहरों में प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी है। छात्रों ने शुक्रवार को दिल्ली में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और भर्ती प्रक्रिया में सुधार और जवाबदेही की मांग की।
इससे पहले गुरुवार को छात्र जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए थे। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई और SSC की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग की। पुलिस जब छात्रों को प्रदर्शन रोकने के लिए समझाने पहुंची तो छात्र उग्र हो गए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और टीचर्स को हिरासत में लिया। इनमें जानी मानी टीचर नीतू मैम भी शामिल थीं। हालांकि, देर रात पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।
आइए जानते हैं कि आखिर हजारों छात्र राजधानी की सड़कों पर उतरने के लिए क्यों मजबूर हुए, उनकी मांगें क्या हैं और इस मामले में सरकार ने अब तक क्या-क्या एक्शन लिया?
क्यों प्रदर्शन कर रहे छात्र
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि पहले एग्जाम का एडमिट कार्ड 4 दिन पहले जारी कर दिया जाता था। लेकिन इस बार परीक्षा के दो दिन पहले ही एडमिट कार्ड जारी किया गया।
- कई जगह बिना सूचना दिए परीक्षा रद्द कर दी गई, छात्रों के सेंटर भी काफी दूर-दूर तक दिए गए, यहां तक कि तमाम छात्रों को 500 किलोमीटर दूर का सेंटर मिला।
- इसके अलावा परीक्षा के दौरान कई तकनीकी खामियां भी आईं, जैसे कि कई सेंटर पर सिस्टम क्रैश कर गए तो कहीं सर्वर में दिक्कत आई। हालांकि कई सेंटर्स पर कंप्यूटर के माउस तक अच्छे से काम नहीं कर रहे थे।
- परीक्षा के दौरान स्क्रीन फ्रीज हो गई, लॉगिन में दिक्कत आई या फिर पूरा प्रश्नपत्र लोड ही नहीं हुआ।
- कई सेंटरों पर कंप्यूटर काम नहीं कर रहे थे, पावर बैकअप नहीं था, और बैठने की भी सही व्यवस्था नहीं थी।
- कई बार परीक्षा की नई तारीख या रद्द होने की जानकारी समय पर नहीं दी गई, जिससे छात्रों में भ्रम और तनाव बढ़ा।
- कई केंद्रों पर परीक्षा आधे में ही रोक दी गई, और छात्रों को कोई कारण नहीं बताया गया।

'ब्लैक लिस्टेड कंपनी को दी गई परीक्षा की जिम्मेदारी'
छात्रों का कहना है कि हर साल TCS कंपनी ही परीक्षा की सारी जिम्मेदारी उठाती थी। लेकिन इस परीक्षा की जिम्मेदारी Eduquity एजेंसी को दें दी गई है। छात्रों का आरोप है कि ये कंपनी शिक्षा विभाग द्वारा ब्लैक लिस्टेड है, इसके बावजूद इसे परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई।
परीक्षाएं अचानक रद्द की गई
छात्रों के प्रदर्शन का एक अहम कारण SSC सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 समेत कई परीक्षाओं का अचानक रद्द होना भी बताया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि दूर-दराज से यात्रा करके परीक्षा देने पहुंचे, पैसा खर्च हुआ, आने-जाने में समय लगा। लेकिन वहां जाकर पता चला कि परीक्षा रद्द हो गई है और इसकी कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी गई।
सरकार ने उठाया कदम
जुलाई 2025 में SSC की Phase-13 परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ियों के बाद केंद्र सरकार ने कार्रवाई की है। सरकार ने कंपनियों की जांच करना शुरू किया है। इसके अलावा SSC की आगामी सभी परीक्षाओं की जिम्मेदारी खुद संभाल ली है।
क्या है SSC
एसएससी यानी स्टाफ सेलेक्शन कमीशन केंद्रीय सरकारी सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का सिलेक्शन करता है। भारत सरकार ने 1975 में इसका गठन किया था। एसएससी परीक्षाएं कराने, आंसर शीट जांचने और रिजल्ट घोषित करने के लिए जिम्मेदार है। 2010 से पहले एसएससी सिर्फ ग्रुप बी (नॉन-गैजेटेड) और ग्रुप सी (नॉन- टेक्निकल) के लिए ही एग्जाम करवाता था। लेकिन अब यह ग्रुप बी (गैजेटेड) पदों जैसे कि असिस्टेंट अकाउंट्स अफसर और असिस्टेंट ऑडिट अफसर जैसे पदों के लिए भी परीक्षाएं कराता है।

