NCERT का विभाजन विभीषिका पर नया मॉड्यूल: जिन्ना, कांग्रेस और माउंटबेटन को बंटवारे का जिम्मेदार बताया; पवन खेड़ा बोले- जलाकर फेंक दो
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NCERT के मॉड्यूल में भारत के बंटवारे के लिए मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस और लॉर्ड माउंटबेटन को जिम्मेदार बताया
NCERT ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर नया मॉड्यूल जारी किया है। इसमें भारत के बंटवारे के लिए मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस और लॉर्ड माउंटबेटन को जिम्मेदार बताया गया है। मॉड्यूल में कहा गया है कि विभाजन किसी एक व्यक्ति का काम नहीं था, बल्कि तीन शक्तियों की वजह से हुआ है। सबसे पहले जिन्ना- जिन्होंने बंटवारे की मांग की, दूसरी कांग्रेस- जिसने बंटवारे को स्वीकार कर लिया और तीसरे माउंटबेटन- जिसने इसे लागू कर दिया।
मॉड्यूल में कश्मीर का भी जिक्र
NCERT ने नियमित किताबों के इतर कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 12 तक के लिए दो अलग-अलग वर्जन जारी किए हैं। मॉड्यूल के मुताबिक, भारत के विभाजन ने कश्मीर को देश के लिए एक नई सुरक्षा समस्या में बदल दिया। इसमें कहा गया है, 'तब से हमारा एक पड़ोसी देश इस समस्या का उपयोग भारत पर अलग-अलग तरीकों से दबाव बनाने के लिए करता आ रहा है।'
NCERT के इस मॉड्यूल पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मॉड्यूल को जलाने की मांग की है, उनका कहना है कि इसमें सच नहीं बताया गया है।

गांधी, पटेल और नेहरू भी विभाजन का हिस्सा
मॉड्यूल में सरदार वल्लभभाई पटेल का भी जिक्र है। विभाजन के समय पटेल ने कहा था कि भारत की स्थिति विस्फोटक हो गई थी। भारत एक युद्धभूमि बन चुका था और देश को गृहयुद्ध की आग में झोंकने से बेहतर था कि उसका विभाजन कर दिया जाए। इसके अलावा इसमें गांधीजी के रुख का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि गांधीजी विभाजन के खिलाफ थे, लेकिन वह कांग्रेस के फैसले का हिंसा के जरिये विरोध नहीं करना चाहते थे।
मॉड्यूल में लिखा है, “उन्होंने कहा कि वह विभाजन के पक्षधर नहीं हो सकते, लेकिन अगर कांग्रेस हिंसा के साथ इसे स्वीकार करती है तो वह उसे रोकेंगे भी नहीं।” आखिरकार जवाहरलाल नेहरू और पटेल ने विभाजन को स्वीकार कर लिया। इसके बाद 14 जून 1947 को गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति को भी विभाजन मानने के लिए राजी कर लिया था।

माउंटबेटन पर लगे आरोप
इस मॉड्यूल में आखिरी वायसरॉय माउंटबेटन की कड़ी आलोचना की गई है क्योंकि उन्होंने सत्ता हस्तांतरण की तारीख को आगे बढ़ा दिया था। इसमें कहा गया है- माउंटबेटन ने जून 1948 को सत्ता हस्तांतरण( transfer of power ) की तारीख घोषित की थी, लेकिन बाद में उसे घटाकर अगस्त 1947 कर दिया।
मॉड्यूल में यह भी बताया गया है कि सीमाओं का जल्दबाजी में किया गया बंटवारा अराजकता का कारण बना। कई जगहों पर लोगों को 15 अगस्त तक यह भी पता नहीं था कि वे भारत में हैं या पाकिस्तान में।
कांग्रेस बोली- विभाजन हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग की वजह से हुआ
कांग्रेस ने एनसीईआरटी मॉड्यूल पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा- इस मॉड्यूल को जला देना चाहिए, क्योंकि इसमें सच नहीं बताया गया है। विभाजन हिन्दू महासभा और मुस्लिम लीग की मिलीभगत से हुआ था।”
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, आरएसएस इस देश के लिए खतरा है। विभाजन का विचार सबसे पहले 1938 में हिन्दू महासभा ने पेश किया था। इसे 1940 में जिन्ना ने दोहराया।
पीएम मोदी का भाषण भी शामिल
मॉड्यूल में पीएम नरेंद्र मोदी के शब्दों को भी शामिल किया गया है। मोदी ने कहा था, 'बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोगों की नासमझी और नफरत हिंसा के कारण कई जानें गईं है।

