गर्लफ्रेंड सिलेक्ट हुई, बॉयफ्रेंड फेल हुआ तो खोला पेपर लीक: MPSC अफसरों पर 12 लाख में सवाल बेचने का आरोप; 6 गिरफ्तार
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नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र में एक लव स्टोरी के ब्रेकअप ने बड़े एग्जाम पेपर लीक का राज खोल दिया। मामला महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन यानी MPSC के ड्रग इंस्पेक्टर एग्जाम का है। कैंडिडेट ऋतुजा पाटिल को परीक्षा से पहले कथित तौर पर पेपर मिल गया था। उसने यही पेपर अपने बॉयफ्रेंड गौरव पाटिल को भी दिया। 22 मार्च को हुए एग्जाम में ऋतुजा सिलेक्ट हो गई, लेकिन गौरव फेल हो गया। इसके बाद दोनों के बीच झगड़ा हुआ और रिश्ता टूट गया। गौरव को डर था कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद ऋतुजा उसे छोड़कर आगे बढ़ जाएगी। इसी के बाद उसने MPSC को ईमेल भेजकर पेपर लीक की शिकायत कर दी।
पेपर खरीदकर बेटी तक पहुंचाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, ऋतुजा के पिता अमृत पाटिल ने नंदुरबार में कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने वाले प्रवीण पाटिल से अपनी बेटी के लिए क्वेश्चन पेपर खरीदा था। जांच में सामने आया कि प्रवीण और MPSC के कुछ अफसरों के बीच शुरुआत में 5 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ था। पूरे सौदे की रकम करीब 12 लाख रुपए होने का अनुमान है। आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए पेपर ऋतुजा तक पहुंचा और बाद में उसने इसे गौरव के साथ शेयर किया।
बॉयफ्रेंड ने शिकायत की, फिर वापस लेना चाहा
ऋतुजा के सिलेक्ट होने और खुद के फेल होने के बाद गौरव ने MPSC को ईमेल भेजकर पेपर लीक की जानकारी दी। हालांकि बाद में उसने अपनी शिकायत वापस लेने की कोशिश की। तब तक मामला अफसरों की नजर में आ चुका था और जांच शुरू हो गई थी। यानी जिस शिकायत ने पूरे कथित पेपर लीक नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कीं, उसी शिकायत को करने वाला गौरव बाद में खुद भी इस केस में गिरफ्तार हो गया।

एक्सपर्ट्स के क्वेश्चन बैंक से निकाले गए सवाल
जांच में पेपर लीक का तरीका भी सामने आया है। आरोप है कि एक्सपर्ट्स की ओर से तैयार किए गए Question Bank से गैरकानूनी तरीके से सवाल निकाले गए। इन्हीं सवालों से परीक्षा से पहले नया क्वेश्चन पेपर तैयार किया गया और फिर उसे गुपचुप तरीके से बेच दिया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़ा था और पेपर कितने कैंडिडेट्स तक परीक्षा से पहले पहुंचा।
MPSC के अफसरों समेत 6 गिरफ्तार
इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें MPSC के असिस्टेंट रूम ऑफिसर विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते, अंडर सेक्रेटरी अभिजीत गणपतराव लेंडवे और असिस्टेंट रूम ऑफिसर गोपाल भट्टू मराठे शामिल हैं। इसके अलावा नंदुरबार की कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर प्रवीण दिलीप पाटिल, कैंडिडेट ऋतुजा पाटिल के पिता अमृत नामदेव पाटिल और ऋतुजा के पूर्व बॉयफ्रेंड गौरव पाटिल को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
22 मार्च को एग्जाम, 506 इंटरव्यू के लिए हुए थे क्वालिफाई
MPSC ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-B पदों के लिए 22 मार्च को ऑफलाइन स्क्रीनिंग एग्जाम कराया था। परीक्षा महाराष्ट्र के छह डिविजनल हेडक्वार्टर पर हुई थी। इसका रिजल्ट 12 जून को जारी हुआ और 506 कैंडिडेट इंटरव्यू के लिए क्वालिफाई हुए। इनमें से 488 कैंडिडेट्स ने 1 से 22 जुलाई के बीच हुए इंटरव्यू में हिस्सा लिया। यानी भर्ती प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी, तभी पेपर लीक की शिकायतें सामने आने लगीं।
एग्जाम से 2 दिन पहले पेपर मिलने की शिकायत
MPSC को 22 से 26 जुलाई के बीच कैंडिडेट्स और पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव्स से कई शिकायतें मिलीं। आरोप लगाया गया कि कुछ कैंडिडेट्स को एग्जाम से करीब दो दिन पहले ही क्वेश्चन पेपर या उसके सवाल मिल गए थे। यह भी आरोप था कि सवाल सोशल मीडिया और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के जरिए सर्कुलेट किए गए। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और कथित पेपर लीक नेटवर्क की जानकारी सामने आई।
पूरी भर्ती कैंसिल, दोबारा होगा एग्जाम
पेपर लीक के आरोप और जांच में सामने आई जानकारी के बाद MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-B की पूरी भर्ती प्रक्रिया कैंसिल कर दी है। कमीशन ने मौजूदा सिलेक्शन प्रोसेस को आगे बढ़ाने के बजाय दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। राहत की बात यह है कि पहले आवेदन कर चुके कैंडिडेट्स को दोबारा अप्लाई नहीं करना होगा और उनसे कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। मामले में भारतीय दंड कानून के साथ महाराष्ट्र कॉम्पटीटिव एग्जामिनेशन ( प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मिन्स) एक्ट, 2024 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के तहत केस दर्ज किया गया है।

