कभी हाथों में बंदूक थी, अब थामा एक-दूजे का हाथ: झारखंड की जेल में दो पूर्व माओवादी कमांडरों की शादी, अफसर बने बाराती
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हजारीबाग ओपन जेल में सुरेश सिंह मुंडा और सोमवारी हेम्ब्रम की शादी पूरे रीति-रिवाज से हुई। (फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)
नेशनल डेस्क। झारखंड के हजारीबाग ओपन जेल में सोमवार (26 अक्टूबर) को हुई एक शादी सुर्खियों में हैं। यहां सरेंडर कर चुके दो पूर्व माओवादियों की शादी कराई गई। दुल्हे का नाम सुरेश सिंह मुंडा और दुल्हन का नाम सोमवारी हेम्ब्रम है। दोनों पहले माओवादी संगठन में बतौर कमांडर एक्टिव थे।
इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि इसमें पुलिस और जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी बाराती बनकर पहुंचे। अधिकारियों ने न सिर्फ शादी में हिस्सा लिया, बल्कि नाच-गाना भी किया।
यह शादी स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की खास पहल के तहत कराई गई। शादी में पारंपरिक रस्में निभाई गईं और परिवार की मौजूदगी की कमी न खले, इसका भी ध्यान रखा गया।
कौन हैं सुरेश सिंह मुंडा और सोमवारी हेम्ब्रम?
सुरेश सिंह मुंडा रांची जिले के बारूहातु गांव के रहने वाले हैं। वहीं, सोमवारी हेम्ब्रम तमाड़ इलाके के अरहंगा गांव की निवासी हैं। दोनों पहले माओवादी थे। हालांकि, बाद में दोनों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने, हथियार डालने और प्रशासन के सामने सरेंडर करने का फैसला किया। अब दोनों अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू करेंगे।
अफसर बने बाराती, कपल को आशीर्वाद दिया
शादी में हजारीबाग पुलिस और जिला प्रशासन के सीनियर अफसरों ने बारातियों की तरह जश्न मनाया और दुल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया। इस दौरान शादी की रस्मों के साथ कानूनी प्रोसेस भी पूरी की गई। जिला विवाह अधिकारी राजेश एक्का ने शादी का रजिस्ट्रेशन किया। इस तरह पारंपरिक रस्मों के साथ दोनों के रिश्ते को कानूनी पहचान भी मिल गई।
शांति का रास्ता चुनने वालों को नई जिंदगी देना मकसद: जेल IG
जेल IG सुदर्शन कुमार मंडल का कहना है कि राज्य सरकार उन लोगों को सम्मान के साथ जिंदगी जीने का मौका देना चाहती है, जो हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति का रास्ता चुनते हैं।
उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वाले दूसरे माओवादियों को भी समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पहल की जा रही हैं।
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