राहुल जी, 20 मिनट दे दीजिए: रामलीला मैदान रैली टालने के लिए दिल्ली के व्यापारियों का एक और लेटर, कहा- हम लड़ना नहीं, बातचीत करना चाहते हैं
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दिल्ली के व्यापारियों ने इससे पहले 24 अक्टूबर को भी एक चिट्ठी में राहुल गांधी से 1 नवंबर को होने वाली रैली टालने की मांग की थ। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। दिवाली सिर पर है और दिल्ली के बाजारों में जबरदस्त रौनक है। लेकिन इसी बीच 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने जा रही 'INDIA' गठबंधन की महारैली ने दिल्ली के दुकानदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। व्यापारियों को डर है कि लाखों लोगों की भीड़ से ट्रैफिक जाम होगा और त्योहार के इस पीक सीजन में उनका धंधा चौपट हो जाएगा।
इसी डर के चलते 'चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) ने बुधवार (28 अक्टूबर) को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक और चिट्ठी लिखी है। चार दिनों के भीतर राहुल गांधी को भेजी गई यह दूसरी चिट्ठी है।
'लड़ाई नहीं, बात करना चाहते हैं'
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी से 20 मिनट का वक्त मांगा है ताकि दिल्ली के 20 बड़े बाजारों के प्रतिनिधि अपनी बात उनके सामने रख सकें।
बृजेश गोयल ने कहा- हम कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहते, हम बातचीत चाहते हैं। राहुल जी खुद कहते हैं कि वे सबकी सुनते हैं और छोटे व्यापारियों की आवाज उठाते हैं। इसीलिए 20 बाजारों के व्यापारी उनसे 20 मिनट मांग रहे हैं।
व्यापारियों ने एक अनोखी शर्त भी रखी है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी उन्हें यह समझा दें कि इस रैली से बाजारों में ग्राहक बढ़ेंगे और धंधा अच्छा होगा, तो वे अपना विरोध वापस ले लेंगे। लेकिन अगर व्यापारी यह साबित कर दें कि रैली से उनका नुकसान होगा, तो राहुल गांधी को रैली दिवाली के बाद कराने की बात माननी पड़ेगी।

इन 20 बड़े बाजारों पर असर का दावा
CTI का कहना है कि रामलीला मैदान के 1 से 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले लगभग 20 बड़े बाजार इस रैली से सीधे प्रभावित होंगे। इनमें शामिल हैं:
- चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली और भागीरथ पैलेस
- करोल बाग, दरियागंज, चावड़ी बाजार और कश्मीरी गेट
- पहाड़गंज, गफार मार्केट, नई सड़क, किनारी बाजार और जामा मस्जिद-मीना बाजार
व्यापारियों का कहना है कि रैली में करीब 10 लाख लोगों के आने का दावा है। ऐसे में सड़कें ब्लॉक होंगी और ग्राहक खरीदारी करने इन बाजारों तक पहुंच ही नहीं पाएंगे।
इस रैली के खिलाफ जब दिल्ली के व्यापारियों ने 24 अक्टूबर को राहुल गांधी को पहली चिट्ठी लिखी थी तो जवाब मिला था कि मोदी सरकार दिल्ली में मेट्रो से लेकर रोड बंद कर रही है। अगर नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा दिलवा देते हैं तो आंदोलन 30 सेकंड में रोक दिया जाएगा।
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