हमारे तालिबान हुकूमत से डिप्लोमैटिक रिलेशन नहीं: फिर तालिबान के विक्ट्री सेलेब्रेशन में शामिल क्यों हुआ भारत- इनसाइड स्टोरी
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इंटरनेशनल डेस्क. तारीख 17 अगस्त 2026…जगह-नई दिल्ली में अफगानिस्तान एम्बेसी….यहां अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत सत्ता में पांच साल पूरे होने के मौके पर विक्ट्री सेलिब्रेशन कर रही थी…
कुछ देर में भारत का फ्लैग लगी एक लग्जरी कार अफगान एम्बेसी के डेकोरेटेड गेट पर रुकती है। अफगान एम्बेसी के ‘चार्ड डि अफेयर्स’ मुफ्ती नूर अहमद नूर कार के गेट के पास पहुंचते हैं।
इस कार से दो लोग उतरते हैं। ये दोनों इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री के दो अफसर थे। ज्वॉइंट सेक्रेटरी आनंद प्रकाश और डायरेक्टर स्नेहा दुबे…
अब आप सोचेंगे कि इसमें नया क्या है। ये तो जनरल डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल है….डिप्लोमैटिक वर्ल्ड में हर जगह यही रूल या प्रोटोकॉल फॉलो किया जाता है….।
लेकिन….लेकिन जरा रुकिए। जो दिख रहा था, वो पूरी सच्चाई नहीं है। इसको यूं समझ लीजिए कि आप जिसे मानते ही नहीं, मान्यता ही नहीं देते….उस देश के प्रोग्राम में कैसे जा सकते हैं।
‘राज एक्सप्रेस’ के इस एक्सप्लेनर में आज ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब…तो चलिए शुरू करते हैं…








