4 राज्य, 28 MLC सीटें और बैलेट से वोटिंग: कांग्रेस सिर्फ 1 सीट जीती, BJP काशी-नागपुर हारी; UP में SP की 5 सीटें
Published: Updated:
3 min read

MLC चुनाव में सिर्फ एक सीट जीतने पर कांग्रेस की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
नेशनल डेस्क. विपक्ष SIR के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है और EVM की जगह बैलेट पेपर से वोटिंग की मांग उठ रही है। इन सबके बीच 4 राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर बैलेट से वोटिंग हुई। इन चुनावों के नतीजों में बड़ा सियासी संदेश दिया है।
यूपी, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की 28 में से ज्यादातर सीटें जीतकर बीजेपी और NDA के सहयोगी दलों ने दबदबा कायम रखा है। सबसे बड़ा झटका कांग्रेस को लगा है। कांग्रेस इन चुनावों में सिर्फ 1 सीट जीत पाई। खास बात ये है कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, इसके बावजूद यहां की सभी 4 सीटें NDA के खाते में गईं। वहीं, यूपी में समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।
नतीजों की बड़ी बातें
- UP में SP-BJP में कड़ी टक्कर देखने को मिली। सपा ने 5 सीटों पर जीत हासिल की। पिछली बार सपा के पास इनमें से तीन सीटें थीं।
- बीजेपी पर पिछली बार 6 सीटें थीं। इस बार भी बीजेपी को 6 सीटें मिलीं। पिछली बार निर्दलीय के खाते में गईं सीटें इस चुनाव में सपा के पास आ गईं।
- बिहार की पटना सीट पर बीजेपी 3 दशक बाद चुनाव हारी। यहां RJD ने जीत हासिल की। बिहार में जनसुराज ने भी अपना खाता खोल लिया।
- कांग्रेस 28 में से एक सीट जीत पाई। कांग्रेस को महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट पर जीत मिली। कर्नाटक में सत्ता में होने के बावजूद सभी सीटें हार गई।
- महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन में शामिल शरद पवार की पार्टी के दो उम्मीदवारों को जीत मिली।
- NDA ने इस चुनाव में 28 में से 16 सीटें हासिल कीं। इंडिया गठबंधन के पास 9 सीटें गईं। दो सीट निर्दलीय और एक सीट जनसुराज को मिली।
कर्नाटक MLC स्नातक-शिक्षक की 4 सीटों पर चुनाव नतीजे

महाराष्ट्र MLC स्नातक-शिक्षक चुनाव नतीजे

बिहार MLC स्नातक-शिक्षक की 8 सीटों पर चुनाव नतीजे

UP MLC स्नातक-शिक्षक की 11 सीटों पर चुनाव नतीजे

UP की 1 सीट पर काउंटिंग जारी
- वाराणसी स्नातक SP आगे
संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत विधान परिषद (MLC) के गठन या समाप्ति का प्रावधान है। MLC सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है। यह एक स्थायी सदन है, जो कभी भंग नहीं होता और इसके एक-तिहाई सदस्य हर 2 साल में रिटायर होते हैं। पहले देश के 7 राज्यों में विधान परिषद थी। साल 2019 में 'जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम' लागू होने के बाद जम्मू-कश्मीर की विधान परिषद को समाप्त कर दिया गया।
अब यह व्यवस्था सिर्फ 6 राज्यों में बची है: उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना।

कोटा कैसे तय होता है?
कुल वोटर्स/ (खाली सीटें + 1)] + 1

