राजस्थान-UP के दो परिवार कम्युनिटी के लिए मिसाल: मीणा परिवार में 6 IAS, मिश्रा फैमिली के 4 लोग अधिकारी
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राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के बामनवास क्षेत्र में स्थित नाहर सिंह पुरा गांव का एक परिवार इन दिनों काफी चर्चा में है। बता दें कि इस परिवार को देशभर के कई लोग' IAS फैक्ट्री' कहने लगे हैं। ऐसे इसलिए क्योंकि अब तक इस परिवार में 6 IAS अधिकारी बन चुके हैं।
इस परिवार में हाल ही में अर्नब प्रताप सिंह ने सिविल सेवा एग्जाम क्लियर की है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने UPSC में ऑल इंडिया रैंक 430 हासिल की। बता दें कि उन्होंने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से MBBS किया है। इसके अलावा उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS), लखनऊ और दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), दिल्ली से प्राप्त की है।
अर्नब के माता-पिता और बहनें भी अधिकारी
अर्नब प्रताप सिंह के पिता बाबूलाल मीणा, 1991 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं उनकी मां वीणा मीणा भी 1993 बैच की IAS हैं और उन्हीं के कैडर में बतौर अधिकारी तैनात हैं। बता दें कि अर्नब के चाचा डॉ. बट्टीलाल मीणा भी रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं।
अर्नब की दो चचेरी बहनें भी सिविल सेवा में हैं। उन्होंने 2016 में UPSC परीक्षा पास की और वर्तमान में गुजरात कैडर में अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
लालगंज के मिश्रा भाई परिवार में 4 अधिकारी
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के एक छोटे से कस्बे लालगंज से भी सफलता की एक ऐसी ही कहानी सामने आई है। यहां के मिश्रा परिवार ने UPSC के क्षेत्र में अपनी एक खास पहचान बनाई है। इस परिवार के चार भाई-बहनों ने मिलकर IAS और IPS जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में स्थान प्राप्त किया है। इस परिवार में सबसे पहले योगेश मिश्रा ने 2013 में UPSC पास किया था।
इसके बाद उनकी बहन माधवी मिश्रा ने 2015 में इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) में स्थान प्राप्त किया। वहीं बड़ी बहन क्षमा मिश्रा ने 2016 में इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) को पास किया। भाई-बहनों में सबसे छोटे लोकेश मिश्रा भी बाद में UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बने।

ये दोनों परिवर पूरी कम्युनिटी के लिए मिसाल
मीणा और मिश्रा परिवारों की कहानियां इस बात का उदाहरण हैं कि एफर्ट, स्ट्रॉन्ग एजुकेशनल फाउंडेशन और परिवार का साथ क्या कुछ नहीं हासिल करा सकता है। जब एक ही परिवार से कई सदस्य सिविल सेवा में चयनित होते हैं, तो यह केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं होती। बल्कि पूरी कम्युनिटी के लिए प्रेरणा बन जाती है।

