कॉलेज के लिए निकली और स्टूडेंट हो गई गायब: फोन भी नहीं था; 8 महीने बाद एक OTP से पुलिस को मिला सुराग
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एजुकेशन\नेशनल डेस्क. CID के अधिकारियों की टीम ने 8 महीने पहले लापता हुईं 2 लड़कियों में से एक को ढूंढ निकाला है। जानकारी के मुताबिक ये लड़की 12वीं की स्टूडेंट थी और ये 31 जनवरी को विद्यारण्यपुरा से लापता हुई थी। दरअसल करीब सात महीने बाद, एक सरकारी कल्याणकारी योजना के लिए जनरेट हुए OTP के जरिए पुलिस कर्नाटक के एक गांव तक पहुंची, जहां ये युवती मिली। इस लड़की की पहचान तनिष्का के रूप में हुई है। हालांकि अब क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने तनिष्का को कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने पेश किया और उसे अपने माता-पिता को सौंप दिया है। वहीं पुलिस अभी भी दूसरी लड़की की तलाश कर रही है।
क्या है पूरा मामला
31 जनवरी को बेंगलुरू की 18 साल की युवती यानी तनिष्का अपनी एक नाबालिग सहेली के साथ कॉलेज जाने का बहाना बनाकर घर से निकली थी। घर वापस न आने पर उनके पेरेंट्स ने विद्यारण्यपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस की 10 सदस्यीय टीम ने दोनों लड़कियों की तलाश में 100 से अधिक स्थानों पर छापेमारी और जांच की।
शुरूआती जांच में सामने आया कि दोनों लड़कियों ने अपने कुछ दोस्तों से सपंर्क किया था और बताया था कि वो माले महादेश्वरा हिल्स में हैं। उन्होंने कहा था कि वे एक सप्ताह बाद दोबारा फोन करेंगी। हालांकि, इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिलने के बाद लड़कियों के माता-पिता ने हैबियस कॉर्पस याचिका के जरिए हाई कोर्ट का रुख किया। इसके बाद अप्रैल में कोर्ट ने मामले की जांच CID को सौंप दी, जिसके बाद एजेंसी ने अपनी जांच आगे जारी रखी।

पहले मसूरी गई थी छात्राएं
CID के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “जांच में पता चला कि दोनों लड़कियां सबसे पहले मसूरी के एक मंदिर गईं। अगले दिन वो चामराजनगर के एक दूसरे मंदिर पहुंचीं और इसके बाद माले महादेश्वरा हिल्स गईं। उनका इरादा अपनी जान देने का था। हालांकि, वहां उनकी मुलाकात दो युवकों से हुई, जिन्होंने उनसे बातचीत की और उन्हें यह कदम उठाने से रोका।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद दोनों लड़कियां अलग हो गईं और दोनों में से एक लड़की उन युवकों में से एक के साथ चली गई। तनिष्का जिस युवक से मिली थी, उसके साथ रहने लगी। युवक के परिवार ने उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद दोनों ने एक मंदिर में शादी कर ली और कनकपुरा तालुक के उसके गांव में रहने लगे। पुलिस के मुताबिक तनिष्का अभी प्रेग्नेंट हैं।
तनिष्का ने मिलने के बाद क्या कहा
पुलिस के मुताबिक, तनिष्का ने बताया कि उसके परिवार वाले उसे नजरअंदाज करते थे। उसका आरोप था कि पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर उसके माता-पिता अक्सर उसे डांटते थे और उसकी बड़ी बहन को अधिक महत्व देते थे क्योंकि वह पढ़ाई में अच्छी थी।
OTP ने पुलिस को केस सुलझाने में कैसे मदद की
दोनों लड़कियों के पास मोबाइल फोन या SIM कार्ड नहीं होने के कारण कई महीनों तक उनका पता लगाना मुश्किल रहा। तनिष्का के पास केवल उसका आधार कार्ड था। जांच के तहत पुलिस ने हाई कोर्ट के माध्यम से उसके आधार से जुड़ी जानकारी हासिल की।
मंगलवार को पुलिस को इस मामले में अहम सुराग मिला। जांच करने वाले आधिकारियों को चला कि तनिष्का ने हाल ही में एक सरकारी स्वास्थ्य योजना के लिए अपने आधार की जानकारी का इस्तेमाल कर रजिस्ट्रेशन कराया था। इस योजना के तहत आर्थिक लाभ दिया जाता है। एप्लिकेशन के दौरान OTP प्राप्त करने के लिए उसने अपने पति का मोबाइल नंबर यूज किया था। इसके बाद पुलिस ने उस मोबाइल नंबर को ट्रेस कर उसके पति को हिरासत में लिया और पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस तनिष्का तक पहुंचने में सफल रही।

