34 साल बाद पूरा होगा डॉक्टर बनने का सपना: 51 साल के सुरेश कुमार ने NEET क्वालिफाई किया; दो PhD, MBA के बाद अब MBBS की पढ़ाई
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एजुकेशन डेस्क. तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के रहने वाले व्यक्ति ने हाल ही में NEET परीक्षा पास करके अपना डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया है। ए. सुरेश कुमार ने 51 साल की उम्र में NEET परीक्षा पास करके नागपट्टिनम मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया है। सुरेश ने 12वीं क्लास पास करने के 34 साल बाद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया। सुरेश कुमार ने कम उम्र के छात्रों के साथ पढ़ने को लेकर उत्साह जताया और कहा कि उम्र सिर्फ एक नंबर है।
दो पीएचडी और एमबीए भी किए हैं
ए. सुरेश कुमार ने पहले दो पीएचडी और एमबीए भी किए हुए हैं। इसी के साथ उनके पास कई डिग्रियां भी हैं। हालांकि परिवार की जिम्मेदारी के कारण सुरेश ने फार्मेसी की पढ़ाई की और बाद में फार्मास्युटिकल और डायग्नोस्टिक में ही अपना करियर बनाया।
नौकरी करके आने के बाद रात में करते थे पढ़ाई
NEET की प्रिपरेशन को लेकर बात करते हुए सुरेश ने कहा कि- नौकरी करने के बावजूद मैें रात में पढ़ाई करता था। वहीं सभी सब्जेक्ट्स से जुड़े रहने के लिए मैंने अपने बेटे को बायोलॉजी भी पढ़ाया करता था। इसी के साथ उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ने उनका हर कदम पर साथ दिया। पत्नी ने उन्हें पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने के लिए नौकरी छोड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इसी के साथ वो रोज काम से लौटने के बाद रात 10 बजे से 12 बजे तक पढ़ाई करते थे। वहीं उनकी पत्नी उन्हें सुबह 4 बजे जगा देती थीं और पढ़ाई के दौरान नाश्ता और चाय-नाश्ते की व्यवस्था भी करती थीं।
दिव्यांग कोटे पर हुआ सुरेश का सिलेक्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरेश कुमार का सिलेक्शन (दिव्यांग) कोटे के तहत हुआ। दरअसल, एक सड़क दुर्घटना में लगी गंभीर चोट के कारण उनके पैरों में चोट आई थी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि- अब उनका पूरा ध्यान अपनी फिटनेस और मेडिकल एजुकेशन पर है और वह युवा छात्रों के साथ सीखने और आगे बढ़ने के लिए काफी उत्साहित हैं।

