विवेक रामास्वामी ओहायो का गवर्नर इलेक्शन क्यों हारे: विरोधी को लेकर एक एडवर्टाइजमेंट से बिगड़ा खेल, ट्रम्प का साथ- करोड़ों खर्च बेकार साबित हुए
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इलेक्शन कैंपेन के दाैरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विवेक रामास्वामी। रामास्वामी ओहायो के गवर्नर का चुनाव हार गए।- फाइल
इंटरनेशनल डेस्क। US मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी के कैंडिडेट विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर का चुनाव हार गए। ट्रम्प के समर्थन और करोड़ों रुपए के चुनावी खर्च के बावजूद उन्हें जीत नहीं मिल सकी। AP के मुताबिक, डेमोक्रेटिक कैंडिडेट एक्टन को 50.9% वोट मिले, जबकि रामास्वामी 45.8% पर रह गए।
चुनाव के आखिरी दिनों में रामास्वामी के कैंपेन का एक एडवर्टाइजमेंट काफी विवादों में रहा। इसमें एक्टन की अलग रह रही मां अपनी ही बेटी को झूठा बता रही थीं। इस एड को लेकर रामास्वामी विवादों में रहे।
रिपब्लिकन लीडर्स ने भी इस एडवर्टाइजमेंट की आलोचना की। अब उनकी हार के बाद दावा किया जा रहा है कि इसी गलती की वजह से रामास्वामी की हार हुई। आइए.. जानते हैं कि आखिर क्यों हारे ट्रम्प के चहेते विवेक रामास्वामी...
पहले जानते हैं क्या है एडवर्टाइजमेंट विवाद
यह विवाद 19 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर करीब 60 सेकंड का एक वीडियो सामने आया। इसमें एक्टन की मां डोना आर्थर कहती दिखीं कि उनकी बेटी अपने बीते हुए दिनों के बारे में झूठ बोलती हैं। उन्होंने लोगों से एक्टन को वोट न देने की अपील भी की।
इलेक्शन के दौरान एंटी एक्टन की मां का यह वीडियो विवेक रामास्वामी खेमे की ओर से जारी किया गया था। रामास्वामी की टीम ने एडवर्टाइजमेंट को टीवी पर चलाने के लिए 40 लाख डॉलर ( 38 करोड़ 4 लाख रुपए) खर्च करने की बात कही थी।
कैसे रामस्वामी पर उलटा पड़ गया अपना ही दांव
रामास्वामी ने यह एडवर्टाइजमेंट एक्टन को टारगेट करने के लिए जारी करवाया। हालांकि, यह दांव उन पर ही उलटा पड़ गया। दरअसल, एडवर्टाइजमेंट में एक्टन के परिवार की पूरी कहानी नहीं बताई गई थी।
एक्टन जब 12 साल की थीं, तब उनके सौतेले पिता पर उनके यौन शोषण का आरोप लगा था। 1978 में उनके सौतेले पिता पर केस भी हुआ था। इसके बाद एक्टन और उनके भाई को मां की देखरेख से हटा दिया गया था। एक्टन का दावा है कि इसके बाद से उनका मां से कोई संपर्क नहीं रहा।
एक्टन के भाई के इस वीडियो के बाद उन्हें वोटर्स की सिम्पैथी मिलने लगी।
वीडियो सामने आने के बाद एक्टन के भाई फिलिप स्टर्न्स ने भी कहा-मेरी बहन ने बचपन में परिवार के भीतर काफी वॉयलेंस और शोषण झेला था। इसके बाद एक्टन को वोटर्स की सिम्पैथी मिलने लगी। एक्टन सपोर्ट्स ने रामास्वामी इज नॉट फिट (Ramaswamy is not Fit) कैंपेन चलाया।
खुद रिपब्लकिन नेताओं ने रामास्वामी का विरोध किया
एडवर्टाइजमेंट सामने आने के बाद ओहायो के रिपब्लिकन गवर्नर माइक डिवाइन ने इसे गलत बताते हुए हटाने की मांग की। रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड ने भी अलोचना की।

इस विवाद का असर वोटर्स पर कितना असर पड़ा
इसका कोई पक्का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। लेकिन 23 से 26 अक्टूबर के बीच हुए इकोनॉमिस्ट-यूगोव सर्वे में ज्यादातर लोगों ने एडवर्टाइजमेंट को गलत बताया। जिन लोगों को सिर्फ एडवर्टाइजमेंट के बारे में जानकारी दी गई, उनमें 55% ने इसे नापसंद किया। जब लोगों को यह भी बताया गया कि एक्टन बचपन में मां से अलग हो गई थीं और तब से दोनों का संपर्क नहीं है, तब एडवर्टाइजमेंट को नापसंद करने वालों की संख्या बढ़कर 64% हो गई।
सिर्फ विज्ञापन ही नहीं रही हार की वजह
रामास्वामी की हार की वजह सिर्फ यह एडवर्टाइजमेंट नहीं था। एमी एक्टन ने अपने कैंपेन में महंगाई, आम परिवारों के खर्च, हेल्थकेयर और शिक्षा जैसे मुद्दों पर जोर दिया। वह कोविड-19 के दौरान ओहायो के हेल्थ डिपार्टमेंट की चीफ थीं। इस वजह से राज्य में उनकी पहचान पहले से थी। कोविड के दौरान उनकी पॉलिसी को लेकर रिपब्लिकन नेताओं ने उनकी आलोचना भी की थी।

