US मिडटर्म इलेक्शन रिजल्ट पर ईरान का रिएक्शन: गालिबाफ बोले- अमेरिकी वोटर्स ने युद्ध को नकार दिया, हम इस मैसेज का सम्मान करते हैं
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लीडरशिप में रिपब्लिकंस को मिडटर्म इलेक्शन में करारी हार का सामना करना पड़ा है। दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स बहुमत हासिल कर चुके हैं। (फोटो सोर्स: Reuters)
नेशनल डेस्क। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों पर ईरान की ओर रिएक्शन आ गया है। ईरान ने इस जनमत को जंग रोकने के सपोर्ट में बताया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने लिखा है कि नतीजों से साफ हो गया कि अमेरिकियों ने जंग को नकार दिया है।
गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा- चाहे यह लोगों की अंतरात्मा की आवाज हो या महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों का दबाव, अमेरिकियों ने युद्ध को ना कहा है। हम इस मैसेज का सम्मान करते हैं।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर इसके बावजूद भी अमेरिकी सरकार अपने लोगों की इच्छा के खिलाफ जाकर दूसरे देशों के दबाव में काम करती है, तो उसे हमारे भी 'No' का सामना करना पड़ेगा। यानी गालिबाफ का मतलब था कि अगर अमेरिका अभी भी इजराइल के दबाव में आकर ईरान पर हमले करता है तो उसे जंग का जवाब जंग से मिलेगा।
कैसे रहे अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन के रिजल्ट?
मिडटर्म इलेक्शन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत हासिल कर चुकी है। इस नतीजे को ट्रम्प की नीतियों के खिलाफ जनता के गुस्से के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह ईरान के साथ जारी जंग, महंगाई और टैरिफ को लेकर अमेरिकी वोटरों में नाराजगी का नतीजा है।
अमेरिकी सीनेट में 100 सीट होती हैं। यहां 35 सीटों पर चुनाव हुए। 30 पर रिजल्ट आ चुके हैं। नतीजों के बाद सीनेट में डेमोक्रेट्स के पास 53 सीटें हो गई हैं। रिपब्लिकंस के पास 42 हैं। 5 सीटों पर नतीजे आने बाकी हैं। इसी तरह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 सीटों में डेमोक्रेट्स के खाते में 221 सीट आ चुकी है। यानी यहां भी बहुमत का आंकड़ा (218) पार हो चुका है। रिपब्लिकंस यहां 130 पर अटक गए हैं। 84 सीटों पर काउंटिंग जारी है।
ट्रम्प ने हार मानी, बोले- मिलकर काम करेंगे, नहीं तो
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने भी हार स्वीकार की है। उन्होंने CBS News को फोन पर दिए इंटरव्यू में डेमोक्रेट्स को बधाई दी और कहा कि वे देश के फायदे के लिए उनके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जरूरत पड़ने पर वे अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करेंगे। ट्रम्प ने कहा- मेरे पास वीटो पावर है। मुझे भरोसा है कि हम मिलकर रास्ता निकाल लेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं हर बिल को वीटो कर दूंगा।
यानी डेमोक्रेट्स के पास संसद में बहुमत होने के बावजूद ट्रम्प अपने राष्ट्रपति पद की ताकत का इस्तेमाल कर सकते हैं।
डेमोक्रेट्स अब ट्रम्प सरकार पर रख सकेंगे नजर
डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने से ट्रम्प सरकार के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं होगा। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स सरकारी फैसलों की जांच के लिए कमेटियां बना सकेंगे। वे सुनवाई कर सकते हैं और अधिकारियों को जवाब देने के लिए बुला सकते हैं। जरूरत पड़ने पर दस्तावेज भी मांग सकते हैं।
वहीं, सीनेट पर कंट्रोल मिलने से राष्ट्रपति की ओर से की जाने वाली नियुक्तियों और कानून बनाने की प्रोसेस में डेमोक्रेट्स की भूमिका बढ़ जाएगी। वे ट्रम्प के कई फैसलों और नियुक्तियों को रोकने की स्थिति में भी होंगे।
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