बांग्लादेश में वेतन को लेकर गारमेंट वर्कर्स का प्रोटेस्ट: पथराव-आगजनी; पुलिस ने टियर गैस-साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया
Published:
3 min read

बांग्लादेश में वेतन को लेकर नाराज गारमेंट फैक्ट्री वर्कर्स ने सोमवार को राजधानी ढाका समेत कई शहरों में प्रोटेस्ट किया। फोटो-बांग्लादेश मीडिया
इंटरनेशनल डेस्क। बांग्लादेश में एक बार फिर हालात बेकाबू नजर आ रहे हैं। रेडीमेड गारमेंट (RMG) सेक्टर के मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है। लाखों मजदूर सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। रविवार (1 नवंबर) को शुरू हुआ प्रोटेस्ट सोमवार को और उग्र हो गया। ढाका और गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकियों में तोड़फोड़ की और गाड़ियों में आग लगा दी।
भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। हालात बिगड़ने पर सरकार ने कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के जवानों को तैनात किया है। आइए जानते हैं क्या है बांग्लादेश के सुलगने की वजह...
क्यों भड़का मजदूरों का गुस्सा
इस प्रोटेस्ट की बड़ी वजह कम सैलरी और बढ़ती महंगाई है। गारमेंट वर्कर्स की मांग है कि उनका मंथली मिनिमम वेज 12,500 टका से बढ़ाकर 30,000 टका किया जाए।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में प्रोटेस्टर्स के पथराव के कारण सुरक्षाकर्मियों को कुछ समय के लिए पीछे हटना पड़ा। वीडियो- सोशल मीडिया
दरअसल, हाल ही में बांग्लादेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नया पे-स्केल लागू किया है। इसके तहत उनकी सैलरी और भत्ते करीब दोगुने कर दिए गए हैं। इससे प्राइवेट एक्सपोर्ट सेक्टर में काम करने वाले कपड़ा मजदूरों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका सवाल है कि जब महंगाई सबके लिए बढ़ रही है, तो उनकी सैलरी इतनी कम क्यों है?

ढाका में चौराहे जाम, गाजीपुर में नेशनल हाईवे बंद
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक जाम कर दिया। ढाका के मीरपुर-10 चौराहे पर सुबह 9 बजे से हजारों मजदूर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया। इससे मीरपुर-11 से अगरगांव और मीरपुर-2 से मीरपुर-13 जाने वाले रास्तों पर घंटों ट्रैफिक जाम रहा।
वीडियो में देखा जा सकता है कि सुरक्षाकर्मियों ने किस तरह प्रोटेस्टर्स को हटाने के लिए टियर गैस का इस्तेमाल किया। वीडियो- सोशल मीडिया
गाजीपुर के पल्ली विद्युत, कोनाबाड़ी, भोगड़ा, नौजोर, सफीपुर और मौचाक में भी प्रदर्शन हुआ। यहां भीड़ ने ढाका-तांगाइल और ढाका-मैमनसिंह नेशनल हाईवे पर जलते टायर, लकड़ियां और पत्थर रखकर रास्ता जाम कर दिया।
फैक्ट्रियों में तोड़फोड़, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी रोका
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंकते और फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान कई फैक्ट्रियों में आगजनी भी हुई।

हालात तब और बिगड़ गए, जब प्रदर्शनकारियों ने आग बुझाने पहुंच रही फायर सर्विस की गाड़ियों का रास्ता रोक दिया। इससे काफी देर तक राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका।
फिलहाल ढाका और गाजीपुर के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल और BGB के जवान तैनात हैं। वे लगातार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, मजदूर वेतन बढ़ाने का भरोसा मिलने तक प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं हैं।

