Nana Patekar Net Worth: मुंबई का 1BHK, गोवा में 8 करोड़ का घर और 27 एकड़ फार्महाउस, अपने पीछे इतनी संपत्ति छोड़ गए नाना पाटेकर
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नाना पाटेकर ने असल जिंदगी में सादगी को ही अपनी पहचान बनाए रखा।
बिजनेस डेस्क। नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक तक हिंदी सिनेमा में अपनी दमदार एक्टिंग से अलग पहचान बनाई। पर्दे पर उनके किरदार जितने प्रभावशाली नजर आते थे। निजी जिंदगी में उनकी पसंद उतनी ही सादगी भरी थी। करोड़ों रुपए कमाने के बावजूद उन्होंने कभी आलीशान बंगले या दिखावे वाली लाइफस्टाइल को अपनी जरूरत नहीं माना।
मैजिक ब्रिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर (Nana Patekar) की प्रॉपर्टी मुंबई, गोवा और पुणे में थीं। इन सभी जगहों पर अपनी अलग कहानी है। गोवा का घर जहां आराम और शांति के लिए था। वहीं, मुंबई का 1BHK फ्लैट उनके कई सालों तके साधारण जीवन का हिस्सा रहा। पुणे के पास उनका 27 एकड़ का फार्महाउस खेती से उनके लगाव को दिखाता था।
नाना पाटेकर का गोवा वाला घर
गोवा में नाना पाटेकर का घर समुद्र के किनारे एक शांत और अपेक्षाकृत एकांत इलाके में था। बाकी दोनों प्रॉपर्टी की तुलना में यह घर ज्यादा मॉडर्न और कंटेम्परेरी डिजाइन वाला बताया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉर्थ गोवा स्थित इस प्रॉपर्टी की कीमत करीब 8 करोड़ रुपए है। नाना इस घर का इस्तेमाल किसी पार्टी या सोशल गैदरिंग के लिए नहीं करते थे। उनके लिए यह जगह काम से दूर कुछ समय शांति से बिताने की थी।
नाना पाटेकर की मौत भी आज (गुरुवार) इसी गोवा वाले घर में हुई। कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें घर पर बेहोशी की हालत में पाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इसके बाद मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया और पोस्टमार्टम कराया गया।
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मुंबई में 750 वर्गफीट का 1BHK फ्लैट
मुंबई जैसे महंगे शहर में जहां सेलिब्रिटीज करोड़ों के अपार्टमेंट खरीदते हैं। वहीं, नाना पाटेकर का घर इस मामले में बिल्कुल अलग था। अंधेरी में उनका करीब 750 वर्गफीट का 1BHK फ्लैट था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने यह घर कई साल पहले करीब 1.1 लाख रुपए में खरीदा था।
घर में बहुत ज्यादा तामझाम नहीं था। सफेद दीवारें, लकड़ी का फर्नीचर और एक बेडरूम। यहां न तो किसी लग्जरी सेलिब्रिटी होम जैसा इंटीरियर था और न ही प्राइवेट लिफ्ट जैसी सुविधाएं। नाना पाटेकर ने अपनी मां के साथ लंबे समय तक इसी घर में बिताया। मां के निधन के बाद भी उन्होंने इस घर को छोड़कर किसी बड़े घर में जाने की जरूरत महसूस नहीं की।
करोड़ों कमाने के बावजूद बड़ा घर नहीं लिया
नाना पाटेकर ने अपने इंटरव्यू में कई बार इस बात का जिक्र किया कि उन्हें बड़ा घर लेने की जरूरत महसूस नहीं हुई। उन्होंने बताया था कि लोग यह जानकारी हैरान हो जाते हैं कि वह आज भी 750 वर्गफीट के घर में रहते हैं, जिसे उन्होंने कई साल पहले खरीदा था। उनके लिए यह घर उनकी जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त था। उनकी नजर में घर की कीमत या साइज से ज्यादा जरूरी यह था कि वहां उन्हें सुकून मिले।
पुणे के पास 27 एकड़ का फार्महाउस
नाना पाटेकार की जिंदगी का सबसे अलग पहलू उनका पुणे वाला फार्महाउस था। यह प्रॉपर्टी पुणे से करीब 20 किमी दूर खड़कवासला डैम के पास बताई जाती है। उनके पास यहां करीब 27 एकड़ जमीन थी। यह सिर्फ घूमने या छुट्टियां बिताने की जगह नहीं थी, बल्कि यहां खेती भी होती थी।
फार्महाउस का घर करीब 7 कमरों का बताया जाता है। इसका डिजाइन पारंपरिक महाराष्ट्रीयन शैली में था। यहां टेराकोट फ्लोरिंग, बड़े बरामदे और खुले हिस्से थे। जिससे घर में रोशनी और हवा आसानी से आती थी। वह खुद ट्रैक्टर चलाकर खेत में काम करते थे।

फार्महाउस में ये फसलें उगाते थे
नाना पाटेकर का खेती से लगाव सिर्फ शौक तक सीमित नहीं था। उनके फार्म पर कई तरह की फसलें उगाई जाती थीं।
- चावल
- गेहूं
- बाजरा
- प्याज
- लहसुन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खेत से होने वाली उपज महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में बेची जाती थी। इससे होने वाली कमाई को किसानों के साथ भी साझा किया जाता था।
लॉकडाउन में फार्महाउस पर कुत्तों और गायों के साथ रहे
2023 में एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने अपने फार्महाउस पर बिताए लॉकडाउन के दिनों के बारे में बताया था। उन्होंने बताया था कि उस दौरान वह फार्महाउस पर 5 कुत्तों, 12 गायों और 2 बैलों के साथ रहे थे। इससे पहले की रिपोर्ट्स में फार्म पर बकरियों और मुर्गियों का भी जिक्र मिलता है।
पत्नी से अलग हुए, एक बेटे की बचपन में मौत
नाना पाटेकर ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा फिल्मों से अलग रखा। वह परिवार को मीडिया की नजरों से दूर रखना पसंद करते थे। उन्होंने 1978 में नीलकांती पाटेकर से शादी की थी। बाद में दोनों अलग हो गए। दंपति के दो बेटे थे। इनमें से एक बेटे की बचपन में ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे बेटे का नाम मल्हार पाटेकर है। नाना ने अपने परिवार के बारे में सार्वजनिक तौर पर बहुत कम बात की। निजी जिंदगी को हमेशा सीमित दायरे में रखा।
1978 से शुरू हुआ फिल्मी सफर
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 में मुरुड-जंजीरा, रायगढ़ जिला, महाराष्ट्र में हुआ था। उन्होंने हिंदी के साथ मराठी सिनेमा में भी काम किया। उनकी पहली फिल्म गमन थी, जो 1978 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए और हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में अपनी जगह बनाई।
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