Jio Financial Share Price: वारंट अलॉटमेंट के बाद 4% उछला शेयर, प्रमोटर होल्डिंग 50% से ज्यादा; क्या आगे आएगी और तेजी
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जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में पिछले एक साल में 30.44% की गिरावट आई है। इसका 52 वीक का हाई 316.68 रुपए है। (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)
बिजनेस डेस्क। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) के शेयरों में सोमवार (2 नवंबर) को करीब 4% की तेजी देखने को मिली। शेयर में यह तेजी कंपनी के प्रमोटर ग्रुप की दो कंपनियों को वारंट के बदले नए शेयर जारी करने के बाद आई है। हालांकि, तेजी के बावजूद स्टॉक 2026 में अब तक करीब 27.97% टूट चुका है। एक्सपर्ट का कहना है कि शेयर अभी मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। ऐसे में सिर्फ आज की तेजी को ट्रेंड बदलने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 50% के पार
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने दो प्रमोटर ग्रुप कंपनियों के वारंट को इक्विटी शेयर में बदलने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कंपनी ने सिक्का पोर्ट्स एंड टर्मिनल्स लिमिटेड और जामनगर यूटिलिटीज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड को 12.5 करोड़ शेयर 316.50 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से दिए हैं। इसमें 10 रुपए की फेस वैल्यू और 306.50 रुपए का प्रीमियम शामिल है। यह प्रक्रिया सितंबर 2025 में शुरू हुई थी।

Q2 में प्रॉफिट 51% घटा, इनकम में तेज उछाल
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के सितंबर क्वार्टर का रिजल्ट मिला जुला रहा। फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालना आधार पर 51% घटकर 340.44 करोड़ रुपए रह गया। पिछले साल इसी क्वार्टर में कंपनी को 695 करोड़ का प्रॉफिट हुआ।
हालांकि, कंपनी की कुल आय करीब 70% बढ़कर 1,699.41 करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले 1,002,40 करोड़ रुपए थी। ब्याज से होने वाली इनकम भी 392.37 करोड़ से बढ़कर 1,257.68 करोड़ रुपए हो गई। वहीं, कुल खर्च 436.50 करोड़ से बढ़कर 1,166 करोड़ रुपए पहुंच गया।
220 रुपए के ऊपर टिकना होगा, तभी ट्रेंड बदलेगा
सोमवार को जियो फाइनेंशियल का शेयर NSE पर 206.95 रुपए के भाव पर खुला और 213.71 रुपए के उच्च स्तर तक पहुंचा। SBI सिक्योरिटीज के हेड ऑफ टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के मुताबिक, शेयर पिछले पांच कारोबारी सत्रों में 203-209 रुपए के दायरे में था।
शेयर अभी भी मूविंग एवरेज से नीचे हैं। इसलिए तेजी को ट्रेंड रिवर्सल का सिग्नल नहीं माना जा सकता। उन्होंने 200-205 रुपए के स्तर को अहम सपोर्ट बताया है। वहीं, 217-220 रुपए का लेवल हाई रेजिस्टेंस हैं। 220 रुपए के ऊपर क्लोजिंग मिलने पर शॉर्ट टर्म ट्रेंड बदलने के संकेत मिल सकते हैं।
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