एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच के विज्ञापन रेट्स गिरे: 10 सेकंड का ऐड स्पॉट 15-20% सस्ता हुआ, गेमिंग सेक्टर पर बैन ने भी बदला बाजार
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भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 का मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)
बिजनेस डेस्क। एशिया कप 2025 में रविवार (14 सितंबर) को खेले जाने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के लिए विज्ञापन रेट्स 15-20% तक कम हो गए हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे कई वजह हैं। जिनमें सबसे बड़ा कारण रियल मनी गेमिंग सेक्टर पर बैन माना जा रहा है।
पहले एशिया कप में इंडिया-पाकिस्तान मैच के लिए टीवी पर 10 सेकंड का ऐड स्पॉट 10 लाख से 15 लाख रुपए तक जाता था। वहीं, ICC टूर्नामेंट्स में रेट 20 लाख रुपए तक पहुंच जाता है। इस बार एशिया कप के लिए रेट्स पिछले मुकाबले कम हो गए हैं।
क्यों गिर गए रेट्स
बिजनेस स्टैंडर्ड ने इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के हवाले से बताया कि इसके दो बड़े कारण है। पहला रियल मनी गेमिंग कंपनियों पर बैन। ये सेक्टर क्रिकेट में सबसे बड़े एडवरटाइजर रहे हैं। इनके हटने से विज्ञापन मार्केट पर सीधा असर पड़ा है। वहीं, भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव ने भी विज्ञापनदाताओं की हिचक बढ़ा दी है।
टूर्नामेंट की शुरुआत फीकी रही
9 सितंबर से शुरू हुए एशिया कप में संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग, बांग्लादेश और ओमान जैसी टीमों के मैचों को दर्शकों से खास रिस्पॉन्स नहीं मिला। इससे भी एडवरटाइजर्स का उत्साह कम हुआ है। मुद्रामैक्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सरफराज अंसारी ने कहा कि भारत-पाक मैच के लिए विज्ञापन स्पॉट्स के दाम तेजी से बढ़ते हैं। इस बार टूर्नामेंट की ठंडी शुरुआत ने ट्रेंड बदल दिया है।
मीडिया राइट्स और पैकेज रेट्स
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) के पास 2031 तक एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के मीडिया राइट्स हैं। कंपनी ने इस बार एक नया तरीका अपनाया है। 7 मैचों के लिए फ्लैट पैकेज रेट रखा गया है। जिनमें टीम इंडिया के मैच शामिल हो सकते हैं। इन मुकाबलों में 10 सेकंड का स्पॉट 16 लाख रुपए में मिल रहा है।
कनेक्टेड टीवी पर एशिया कप मैचों के लिए रेट्स 20-24 लाख रुपए प्रति 10 सेकंड तक रही हैं। NV कैपिटल के मैनेजिंग पार्टनर विवेक मेनन का कहना है कि गेमिंग कंपनियां क्रिकेट में बड़ी स्पॉन्सर रही हैं। उनके न होने से विज्ञापन मार्केट में खालीपन आ गया है।
कौन-सी कंपनियां खर्चा करेंगी
सरकार द्वार GST में कटौती और त्योहारों के सीजन को देखते हुए कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, FMCG, स्मार्टफोन कंपनियां, ऑटोमोबाइल, डेकोरेटिव पेंट्स, फाइनेंशियस सर्विसेज, इंश्योरेंस और टायर कंपनियां विज्ञापनों पर सबसे अधिक खर्च करने में आगे रहेंगी।
लीड स्पॉन्सर की कमी
फिलहाल टीम इंडिया के पास कोई बड़ा लीड स्पॉन्सर नहीं है। इस वजह से भी एड रेट्स में गिरावट हुई है। SoCheers के को-फाउंडर सिद्धार्थ देवानी ने कहा कि बड़े ब्रांड्स जरूर आगे आएंगे, क्योंकि भारत-पाक मैच की लाइमलाइट को भुनाने का मौका कोई नहीं छोड़ना चाहता है।
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