CJI नेता सौरव दास के बैकग्राउंड की जांच की मांग: सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने की भी अपील; मद्रास हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
Published:
2 min read

CJP प्रवक्ता सौरव दास (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. मद्रास हाईकोर्ट ने CJI प्रवक्ता सौरव दास की राष्ट्रीयता, बैकग्राउंड और माता-पिता की जांच की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं याचिका में ज्यूडिशरी के खिलाफ उनके बयानों को लेकर सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी बैन की मांग की गई है।
याचिका में मांग की गई है कि अगर सौरव दास विदेशी निकलते हैं तो पासपोर्ट-आधार रद्द करने की भी अपील की गई है। इसमें ज्यूडिशरी और सुप्रीम कोर्ट के जजों को लेकर दिए गए कथित अपमानजनक बयान को लेकर दास के X और इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक करने की मांग की गई है।
ये भी पढ़ें: आप लोग GenZ नहीं: सौरव दास-रांका की उम्र पर HC की टिप्पणी; CJP ने हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका वापस ली
दास-केंद्र सरकार से मांगा जवाब
मद्रास हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस एस.ए धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की बेंच ने याचिका पर सौरव दास, केंद्र सरकार और कुछ निजी पक्षों समेत अन्य से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी।
याचिकाकर्ता गणेश कुमार ने आरोप लगाया है कि सौरव दास उर्फ योगेश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के जजों समेत ज्यूडिशरी को लेकर अपमानजनक बयान दिए थे। याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश देने के लिए कहा गया है कि वह सौरव दास और अन्य के बैकग्राउंड और पर्सनल डिटेल्स की जांच करे। इनमें सौरव दास के माता-पिता भी शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: PM के साथ युवती के मॉर्फ्ड फोटो शेयर करने का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट का दीपके-सौरव दास को नोटिस, कंटेंट हटाने का निर्देश
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका के साथ शामिल कुछ दस्तावेजों का हवाला दिया, जिनमें कथित तौर पर दास की पहचान और पते से संबंधित जानकारी थी। बेंच ने इन दस्तावेजों की जांच की और उनमें दर्ज कुछ जानकारी को लेकर स्पष्टीकरण मांगा।

