कांग्रेस के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे: खटपट की खबरों को अखिलेश यादव ने नकारा, बोले- BJP को हराने वाला गठबंधन ही आगे बढ़ेगा
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी मौजूदा गठबंधन के साथ लड़ेगी। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। समाजवादी पार्टी (SP) चीफ अखिलेश यादव ने शुक्रवार (2 अक्टूबर) को कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेगी।
लखनऊ में मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा- जो गठबंधन पहले से था और जिसने लोकसभा चुनाव में यहां BJP को हराया, वह जारी रहेगा। हम उस गठबंधन को आगे ले जाने का काम करेंगे।
अखिलेश का बयान ऐसे वक्त में आया है जब सपा और कांग्रेस में सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद सामने आने की रिपोर्ट्स लगातार आ रही हैं। हाल ही में अखिलेश की PDA रथयात्रा को राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से शुरू होने पर भी इसे गठबंधन में खटपट की तरह देखा गया था।
हाल ही में INDIA अलायंस की बैठक में भी अखिलेश मौजूद नहीं थे हालांकि उनकी पार्टी ने उस बैठक में हिस्सा जरूर लिया था। BJP नेता हाल ही में हुई इन घटनाओं को लेकर कांग्रेस-सपा गठबंधन में दरार आने के दावे कर रहे हैं।
SP-कांग्रेस गठबंधन पर अखिलेश ने क्या कहा?
अखिलेश यादव से अगले चुनाव के लिए कांग्रेस की जगह AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर वह उन्होंने मौजूदा INDIA गठबंधन की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा- समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन 2027 में आगे बढ़ेगा। हम INDIA गठबंधन के साथ आगे बढ़ेंगे।

राज्यसभा चुनाव को बताया साथ आने का मौका
अखिलेश यादव ने आने वाले राज्यसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव अलग-अलग विपक्षी दलों के एक साथ आने का मौका बन सकता है।
अखिलेश ने कहा कि अगर किसी पार्टी को लगता है कि लोकतंत्र और संविधान पर हमला हो रहा है, तो SP पुराने मतभेद छोड़कर उसके साथ आने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कड़वाहट को पीछे छोड़कर उन दलों के साथ हाथ मिलाया जा सकता है, जो इन मुद्दों पर साथ आना चाहते हैं।
पहले भी दे चुके हैं यही संकेत
अखिलेश यादव ने बुधवार (30 सितंबर) को भी संकेत दिया था कि सपा अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में बड़े तौर पर उन्हीं सहयोगी दलों के साथ मैदान में उतर सकती है, जिनके साथ उसने हाल के चुनाव लड़े हैं।
हालांकि, सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया था कि BJP के कई विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि इन नेताओं को पार्टी में शामिल करने की जगह नहीं है।
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