MP के सारांश टीम इंडिया में सिलेक्ट: पिता ने कैंसर की बात छिपाई, उनका मैसेज जेब में रखकर खेलते हैं सारांश; जानिए इस ऑलराउंडर के बारे में
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सारांश ने घरेलू क्रिकेट में अब तक 54 फर्स्ट क्लास, 47 लिस्ट-ए और 20 टी20 मैच खेले हैं। (सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. BCCI की सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित कर दी है। मंगलवार (28 जुलाई) को घोषित इस टेस्ट टीम में 33 साल के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार टीम में सिलेक्ट किया गया है।
सारांश मध्यप्रदेश में इंदौर के रहने वाले हैं। उनके घर में क्रिकेट कोई नई बात नहीं है। सारांश के पिता सुबोध और बड़े भाई भी क्रिकेट खेलते थे। यह दोनों घरेलू क्रिकेट खेले हैं, लेकिन टीम इंडिया में जगह नहीं बना पाए थे।
टीम इंडिया की जर्सी के लिए इस जैन फैमिली ने काफी स्ट्रगल किया है। सारांश के खेल में कोई खलल ना पड़े इसके लिए उन्होंने एक बार बेटे से कैंसर की बात तक छिपाई थी। जब सारांश को यह बात पता चली तो पिता ने एक मैसेज लिखकर दिया था, जिसे यह ऑलराउंडर आज भी जेब में मैच खेलता है।

कौन हैं सारांश जैन
पूरा नाम: सारांश सुबोध जैन
जन्म: 31 मार्च 1993, इंदौर, मध्य प्रदेश (उम्र 33 साल)
बैटिंग स्टाइल: लेफ्ट हैंड बैटर
बॉलिंग स्टाइल: राइट-आर्म ऑफ-ब्रेक
रोल: बॉलिंग ऑलराउंडर
घरेलू टीम: मध्य प्रदेश (2014-15 रणजी ट्रॉफी से फर्स्ट-क्लास डेब्यू)
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सारांश को टीम में जगह कैसे मिली?
दरअसल, स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर सीरीज के पहले टेस्ट के लिए पूरी तरह फिट नहीं थे। उन्हें राइट हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई थी। ऐसे में उनकी जगह सिलेक्शन कमेटी ने सारांश को मौका दिया। दूसरी ओर सारांश का हालिया प्रदर्शन भी शानदार रहा है।
सारांश हाल ही में इंडिया-ए टीम के लिए खेले थे। वे श्रीलंका दौरे पर गए थे, जहां दो 4 दिवसीय मैच खेले, जिसमें 6 विकेट लिए और नाबाद 70 रन भी बनाए थे। ऐसे में सारांश को टीम में मौका मिला।

पिछले दलिप ट्रॉफी टूर्नामेंट में सारांश ने सिर्फ 2 मैच में 16 विकेट लिए थे। उन्होंने सेंट्रल जोन के लिए सेमीफाइनल और फाइनल खेला था। दोनों मैच में फिफ्टी भी लगाई थी। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी मिला था।
पिता ने कैंसर की बात छिपाई
सारांश ने 2014 में रणजी ट्रॉफी से घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद वे मध्यप्रदेश की क्लब टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे। यहां उन्होंने 5 मैच की सीरीज खेली थी, जिसे 3-0 से जीता था। ET के मुताबिक, इसी दौरान उनके पिता को माउथ कैंसर के बारे में पता चला और हॉस्पिटल में उनकी सर्जरी हुई।
इसी दौरान सारांश से कॉल पर बात होती थी, तब फैमिली ने उन्हें कुछ भी नहीं बताया। पिता सुबोध ने मना किया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद सारांश जब घर लौटे तब उन्हें कैंसर के बारे में पता चला। तब तक पिता घर आ चुके थे। माउथ कैंसर की सर्जरी के चलते वे बोल नहीं पा रहे थे। तब उन्होंने सारांश को लिखकर शॉर्ट मैसेज दिया- 'चिंता मत करो मैं जल्द ही ठीक हो जाऊंगा। तुम अपने खेल पर ध्यान दो।' सारांश इस मैसेज को आज भी जेब में रखकर क्रिकेट खेलते हैं।

