शिवपुरी में कुशवाह समाज ने SP ऑफिस को घेरा: पुरानी रंजिश में परिवार पर हमले और फायरिंग का आरोप, गिरफ्तारी की मांग
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कुशवाह समाज ने एसपी ऑफिस का किया घेराव।
शिवपुरी। जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के ग्राम राजा की मुड़ैरी में पुरानी रंजिश को लेकर कुशवाह परिवार पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को कुशवाह समाज ने एसपी ऑफिस का घेराव किया। समाज के लोगों ने कार्यालय के बाहर धरना देकर आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीओपी ने समाजजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत के दौरान बहस की स्थिति बन गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने समाज के पांच प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया। प्रतिनिधियों ने उनके सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। एसपी ने तीन दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद समाजजन धरना समाप्त करने पर राजी हुए।
दुकान पर पहुंचकर फायरिंग करने का आरोप
समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के मुताबिक, ग्राम राजा की मुड़ैरी निवासी सीताराम कुशवाह की दुकान पर 18 अक्टूबर की रात करीब 9 से 10 बजे अमन शर्मा, अंकित शर्मा और टीटू शर्मा पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने सीताराम के साथ गाली-गलौज की और अमन शर्मा ने बंदूक से फायर कर जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में सिरसौद थाना पुलिस ने 19 अक्टूबर को एफआईआर क्रमांक 0262 दर्ज की थी। समाज का आरोप है कि फायरिंग के बावजूद प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा नहीं जोड़ी गई।
हमले में महिला की उंगली कटने का आरोप
ज्ञापन में दूसरी घटना का उल्लेख करते हुए बताया गया कि 21 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे सीताराम की अनुपस्थिति में आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों ने उनकी भाभी मिथलेश कुशवाह, रेखा कुशवाह और भरत कुशवाह पर लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला किया। आरोप है कि हमले में एक महिला के हाथ की उंगली कटकर अलग हो गई और सिर में भी गंभीर चोट आई। इस घटना में पुलिस ने 21 अक्टूबर को एफआईआर क्रमांक 0263 दर्ज की थी।
तीन मांगें रखीं, सुरक्षा की भी अपील
कुशवाह समाज ने दोनों मामलों में नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, फायरिंग के मामले में आर्म्स एक्ट की धारा जोड़ने और बंदूक जब्त कर उसका लाइसेंस निरस्त करने की मांग की। साथ ही सीताराम कुशवाह और उनके परिवार को जान-माल की सुरक्षा के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। समाजजनों ने चेतावनी दी थी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। एसपी के तीन दिन में कार्रवाई के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
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