सागर जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा: यूपी के ललितपुर से संचालित होता था नकली शराब का रैकेट, 11 लोगों की मौत के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
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फाइल फोटो।
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में जांच के दौरान एक बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जांच और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सटे सागर के सीमावर्ती इलाकों में नकली शराब की सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय था। आरोप है कि ललितपुर में नकली शराब तैयार कर उसे असली शराब की तरह पैक किया जाता था और कम कीमत पर सागर के बंडा क्षेत्र के गांवों में पहुंचाया जाता था।
मामले की जांच के दौरान मई 2026 में ललितपुर पुलिस द्वारा पकड़े गए एक कथित अवैध शराब गिरोह की पूछताछ को भी अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस के सामने दिए गए कथित बयानों में आरोपियों ने सागर के बंडा क्षेत्र समेत अन्य इलाकों में नकली शराब सप्लाई करने की बात स्वीकार की थी।
फर्जी रैपर, ढक्कन और QR कोड से तैयार होती थी नकली शराब
ललितपुर पुलिस की पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, ललितपुर निवासी रवि लखेरा, उसकी पत्नी शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा समेत कुछ लोग कथित तौर पर नकली शराब तैयार करने के नेटवर्क से जुड़े थे। आरोप है कि तैयार की गई शराब को असली ब्रांड जैसा दिखाने के लिए उस पर नकली रैपर और ढक्कन लगाए जाते थे। इसके बाद बोतलों पर नकली QR कोड भी लगाए जाते थे, जिससे शराब असली प्रतीत हो।
पुलिस के अनुसार, पैकिंग के बाद नकली शराब को वाहनों और बाइक के जरिए मध्य प्रदेश के सीमावर्ती गांवों तक पहुंचाया जाता था। जांच में सामने आया है कि ललितपुर में तैयार शराब की कथित तौर पर सागर जिले के बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज, बैराज सहित आसपास के कई गांवों में सप्लाई की जाती थी।
सागर के सीमावर्ती गांवों में बड़े पैमाने पर खपाने का आरोप
जांच एजेंसियों को आशंका है कि ललितपुर से लाई जा रही नकली शराब को सागर जिले के सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर खपाया जा रहा था। बंडा क्षेत्र में शराब पीने के बाद लोगों की मौत की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने इस एंगल से भी जांच तेज कर दी है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली शराब ललितपुर में वास्तव में कहां तैयार होती थी, इसके निर्माण में कौन-कौन लोग शामिल थे और मध्य प्रदेश तक इसे पहुंचाने में किन स्थानीय लोगों की भूमिका थी। इसके अलावा सागर में शराब के वितरण नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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संदिग्धों की तलाश में छापेमारी
मामले में संदिग्धों की पहचान के बाद पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। बरामद शराब और संदिग्ध पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बरामद शराब में कौन से रसायन या जहरीले तत्व मौजूद थे और उनका मौतों से क्या संबंध है।
जांच एजेंसियां ललितपुर से सागर तक कथित सप्लाई चेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप किन रास्तों से सागर पहुंचती थी और इसे स्थानीय स्तर पर किन लोगों के जरिए अलग-अलग गांवों में बेचा जाता था।
11 मौतों के बाद प्रशासन सख्त
बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब से अब तक 11 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। सागर जिले में शराब की दुकानों और अवैध शराब के संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कुछ शराब दुकानों को सील करने की कार्रवाई भी की गई है।
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ललितपुर से सागर तक नकली शराब का यह नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस की जांच इन सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है।
प्रतिभा पाल, कलेक्टर, सागर
अनुराग सुजानिया, SP, सागर

