रतलाम में सरकारी जमीन पर गांजे की खेती का खुलासा: कपास-मक्का के बीच मिले 7 लाख के 2,948 पौधे; नेटवर्क की जांच जारी
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कपास और मक्का की फसल के बीच मिले 7 लाख की कीमत के 2,948 गांजे के पौधे जब्त, कुल वजन करीब 724 किलो।
रतलाम। सरवन थाना क्षेत्र के उण्डेर गांव में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से गांजे की खेती का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कपास और मक्का की फसल के बीच लगाए गए 2,948 गांजे के पौधे जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार जब्त पौधों का कुल वजन करीब 724 किलोग्राम और अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये है।
कपास-मक्का के बीच हो रही थी गांजे की खेती
पुलिस के मुताबिक उण्डेर गांव में पहाड़ी किनारे स्थित शासकीय भूमि पर कपास और मक्का की फसल के बीच गांजे के पौधे लगाए गए थे। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बड़ी संख्या में गांजे के पौधे बरामद किए।
अवैध कब्जाधारियों और अन्य लोगों की तलाश
प्रारंभिक जांच में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर गांजे की खेती किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों और खेती से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान में जुटी है। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उत्पादन से तस्करी तक नेटवर्क की जांच
रतलाम पुलिस के अनुसार जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के साथ अवैध रूप से की जा रही नशे की खेती के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है। पुलिस गांजे की खेती से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस टीम की कार्रवाई
कार्रवाई में सरवन थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, सैलाना थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश, बाजना थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र दण्डोतिया, उप निरीक्षक खान, उप निरीक्षक जी.एल. भूरिया, सैलाना अनुभाग के थाना स्टाफ और साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले में आगे की जांच जारी है। और गांजे की खेती से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने अवैध नशे की खेती, तस्करी और कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी वैधानिक कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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