रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में सजा कुबेर का खजाना: धनतेरस पर भक्तों की धन-संपदा से हुआ मां का विशेष श्रृंगार; दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
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रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर को भक्तों द्वारा जमा कराई गई नकदी, आभूषण और अन्य धन-संपदा से सजाया गया।
रतलाम। धनतेरस के साथ ही रतलाम में पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो गई है। शहर के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में इस अवसर पर आस्था और समृद्धि का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। मंदिर में कुबेर का खजाना सजाया गया है। मां महालक्ष्मी के दर्शन के लिए सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। खास बात यह है कि मंदिर को भक्तों द्वारा जमा कराई गई धन-संपदा से सजाया जाता है। पांच दिनों तक यह संपत्ति मंदिर में रखी जाती है और दीपोत्सव के समापन पर संबंधित श्रद्धालुओं को वापस लौटा दी जाती है।
भक्तों की धन-संपदा से सजा महालक्ष्मी मंदिर
रतलाम के इस प्रसिद्ध मंदिर में धनतेरस के अवसर पर हर साल विशेष परंपरा निभाई जाती है। श्रद्धालु अपनी धन-संपदा, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं मंदिर में जमा कराते हैं। इन्हीं से मां महालक्ष्मी का विशेष श्रृंगार और मंदिर की सजावट की जाती है। इस अनूठी परंपरा के चलते मंदिर को कुबेर के खजाने के रूप में सजाया जाता है।
सुबह 4 बजे से दर्शन के लिए लगी कतारें
धनतेरस के पहले दिन मां महालक्ष्मी के दर्शन और कुबेर के खजाने को देखने के लिए तड़के से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। रतलाम के अलावा दूसरे प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। राजस्थान के अजमेर सहित कई क्षेत्रों से आए भक्तों ने भी इस विशेष परंपरा में भाग लिया।
सुबह की आरती में शामिल हुए एसपी अमित कुमार
दीपोत्सव के पहले दिन सुबह आयोजित आरती में रतलाम के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भी शामिल हुए। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ पांच दिवसीय उत्सव का शुभारंभ हुआ।
पांच दिन बाद भक्तों को लौटाई जाती है संपदा
महालक्ष्मी मंदिर की इस परंपरा की सबसे खास बात यह है कि भक्तों की ओर से जमा कराई गई धन-संपदा को पांच दिनों तक मंदिर में सुरक्षित रखा जाता है। पांच दिन बाद श्रद्धालुओं को उनकी जमा कराई गई संपत्ति वापस लौटा दी जाती है।
धनतेरस पर शुरू हुआ यह आयोजन रतलाम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अनूठी परंपरा के साक्षी बनने और मां महालक्ष्मी का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
अमित कुमार-- एसपी रतलाम
रेखा सैनी-- श्रृद्धालु --अजमेर

