दिवाली के बाद मध्य प्रदेश में बढ़ेगी ठंड: अगले 4 दिनों में 2 डिग्री तक लुढ़केगा पारा, इंदौर रहा सबसे सर्द; भोपाल में पारा 12.8 डिग्री पर आया
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हिल स्टेशन पचमढ़ी जैसा ठंडा हुआ भोपाल, पारा 12.8 डिग्री पर आया।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का एहसास हो रहा है, लेकिन रातें लगातार सर्द होती जा रही हैं। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिवाली के बाद प्रदेश में ठंड का असर और बढ़ेगा। अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इसके चलते कई शहरों में रात का तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और दिवाली तक कहीं भी आंधी-बारिश की संभावना नहीं है।
इंदौर में सबसे सर्द रात, भोपाल में 12.8 डिग्री रहा तापमान
प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इसके अलावा शहडोल के कल्याणपुर और दमोह में 12.2 डिग्री, शाजापुर जिले के गिरवर में 12.6 डिग्री और उमरिया में 12.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी भोपाल और हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी रात का पारा 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इससे साफ है कि प्रदेश के कई हिस्सों में रात के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है। हालांकि, दिन के तापमान में अभी ज्यादा गिरावट नहीं आई है। मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार सुबह शहर में धुंध रहने के आसार हैं। इससे सुबह के समय मौसम ठंडा रहेगा।
छिंदवाड़ा सबसे गर्म, कई शहरों में 30 डिग्री से नीचे रहा पारा
रात में ठंड बढ़ने के बावजूद दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। प्रदेश में छिंदवाड़ा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, बैतूल, शिवपुरी और करौंदी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे रिकॉर्ड हुआ। इन इलाकों में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर देखने को मिल रहा है।
दिवाली और रूपचौदस पर साफ रहेगा मौसम, बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। रूपचौदस के दिन भी मौसम साफ रहने की संभावना है। वहीं 8 नवंबर को दिवाली पर भी प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं। अगले चार दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में त्योहार के दौरान मौसम की वजह से किसी तरह की परेशानी होने की संभावना कम है।
15 नवंबर के बाद तेजी से बढ़ेगी ठंड
पिछले दस वर्षों के मौसम संबंधी आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के दूसरे पखवाड़े से प्रदेश में ठंड का असर तेजी से बढ़ने लगता है। इस बार भी मौसम का रुख कुछ ऐसा ही रहने का अनुमान है। खासकर 15 नवंबर के बाद रात के तापमान में अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है।
ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं का सीधा असर पड़ता है। इस वजह से यहां दूसरे इलाकों की तुलना में रातें ज्यादा ठंडी हो सकती हैं। मौसम के पुराने रिकॉर्ड के मुताबिक, ग्वालियर में करीब 57 साल पहले नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर में रात का तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में हो सकती है बारिश
नवंबर का महीना प्रदेश में पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश होने का पुराना ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था।
आगे नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में यदि कोई सक्रिय मौसम प्रणाली बनती है तो प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है। अगले चार दिनों तक मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। इसके बाद तापमान में गिरावट के साथ सर्दी का असर धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा।

