भोपाल में किसान मंच की बैठक: CM यादव को सौंपा 33 सूत्रीय मांग-पत्र; MSP पर खरीदी, बिजली-सिंचाई सुधार, मुआवजा और GST खत्म करने की मांग
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भोपाल में किसानों ने CM डॉ. मोहन यादव को सौंपा 33 सूत्रीय मांग-पत्र।
भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित किसान मंच की बैठक में मंगलवार को 33 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। इसमें फसलों की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी, बिजली कटौती, सिंचाई, राजस्व व्यवस्था, भूमि अधिग्रहण और कृषि उपकरणों पर GST जैसे मुद्दे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
सभी प्रमुख फसलों की MSP पर खरीदी की मांग
बैठक में किसान संघ के पदाधिकारियों ने गेहूं, चना, सरसों और मक्का सहित सभी प्रमुख फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पहले से तैयारी करने की मांग रखी। संघ ने कहा कि खरीदी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो। इसके साथ ही सिंघाड़े की खेती के लिए उचित मूल्य तय करने की मांग भी की गई।

जंगली जानवरों से फसल खराब होने पर मिले मुआवजा
किसान संघ ने नीलगाय, जंगली सुअर, हिरण और वानर जैसे जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया। संघ ने मांग की कि ऐसे मामलों में किसानों को मुआवजा दिया जाए।इसके अलावा गोपालकों को गौशालाओं की तर्ज पर गायों के पालन के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी गई।
मंडियों और राजस्व व्यवस्था में सुधार की मांग
किसान संघ ने कृषि मंडियों में मंडी अधिनियम का सख्ती से पालन कराने की मांग की। इसके साथ ही मंडियों में डॉकोज टेस्टिंग मशीनें और 10 टन क्षमता वाले तौल कांटे लगाने का सुझाव दिया। राजस्व मामलों को लेकर संघ ने अविवादित नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन के प्रकरणों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय करने की मांग की। नामांतरण के लिए 5-6 साल पुराने रिकॉर्ड मांगने की प्रक्रिया बंद करने और राजस्थान की तर्ज पर अविवादित मामलों में 1000 रुपये के स्टांप पर हक त्याग को मान्यता देने की बात भी कही गई।
बिजली और सिंचाई की समस्याएं दूर करने पर जोर
किसानों ने बिजली कटौती, ओवरलोड ट्रांसफार्मर और पुराने बिजली तारों की समस्या दूर करने की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि ट्रांसफार्मर योजना को जल्द शुरू करने की बात रखी। सिंचाई के लिए बिजलवाड़ा परियोजना (बड़वानी-खरगोन), ओंकारेश्वर चतुर्थ चरण और कुंडालिया सिंचाई परियोजना (आगर) का काम आगे बढ़ाने की मांग की गई। मोरंड-जंजाल परियोजना की अधूरी नहरों को पूरा कर खेतों तक पानी पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
भूमि अधिग्रहण और कृषि उपकरणों पर GST का मुद्दा उठाया
भारतीय किसान संघ ने विकास प्राधिकरणों को भंग करने और लैंड पुलिंग के बजाय राष्ट्रीय हित की परियोजनाओं के लिए किसानों की सहमति से बाजार दर पर जमीन अधिग्रहित करने की मांग की। इसके अलावा कृषि उपकरणों पर GST खत्म करने, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पराली प्रबंधन की उचित व्यवस्था करने और खेत सड़क योजना दोबारा शुरू करने की मांग की गई। डिफॉल्टर किसानों को नियमित करने और पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी एवं मैनेजमेंट का शिक्षण संस्थान खोलने का मुद्दा भी उठाया गया।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
किसान मंच की बैठक में भारतीय एग्रो इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रमोद चौधरी, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटेल, गिरिजा ठाकुर, महेश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना और प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गौर सहित विभिन्न प्रांतों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में मध्यभारत, महाकौशल और मालवा प्रांत के संगठन मंत्री, महामंत्री और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अब किसान संघ को इन मांगों पर सरकार की ओर से कार्रवाई का इंतजार है।
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