मुरैना में बिजली पर बवाल!: सेमई चौराहे पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, NH-552 पर लेटकर किया चक्काजाम, एक घंटे तक थमा ट्रैफिक
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मुरैना में बिजली संकट पर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण।
मुरैना। कैलारस तहसील के सेमई विद्युत केंद्र में बारिश का पानी भर जाने के कारण पिछले तीन-चार दिनों से करीब आधा दर्जन गांवों की बिजली सप्लाई बंद है। लगातार बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण सेमई चौराहे पर पहुंचे और एमएस रोड स्थित NH-552 हाईवे पर सड़क पर लेटकर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
तीन-चार दिन से बिजली बंद, ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों के मुताबिक, अत्यधिक बारिश के कारण सेमई विद्युत केंद्र में पानी भर गया है। इसके चलते आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों में पिछले तीन-चार दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप है। लगातार बिजली बंद रहने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को शिकायत और आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन इसके बावजूद बिजली बहाल करने को लेकर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
NH-552 पर सड़क पर लेट गए ग्रामीण
बिजली समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीण सोमवार को बड़ी संख्या में सेमई चौराहे पर एकत्रित हुए। इसके बाद उन्होंने एमएस रोड NH-552 हाईवे पर सड़क पर लेटकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। अचानक हुए चक्काजाम के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। करीब एक घंटे तक दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा
चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सड़क से हटने और यातायात व्यवस्था बहाल करने की अपील की। इसके बाद तहसीलदार और विद्युत विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर बिजली व्यवस्था जल्द बहाल कराने का आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद खत्म किया चक्काजाम
अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हुआ और वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से बिजली संकट झेल रहे हैं। यदि जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

