चार महीने बाद खुला उसैद-पिनाहट पेंटून पुल: वाहनों की आवाजाही शुरू, UP-MP के व्यापारियों-किसानों बड़ी राहत, 150 KM तक घटेगी दूरी
Published:
3 min read

आगरा जाने वालो को होगा फायदा, सफर होगा 120 किमी कम चार महीने बाद चंबल पर शुरू हुआ आवागमन।
मुरैना। चंबल नदी के उसैद-पिनाहट घाट पर करीब चार महीने के लंबे इंतजार के बाद पेंटून पुल से आवागमन फिर शुरू हो गया है। बुधवार सुबह से ही पुल पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। पुल खुलने से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। अब ग्रामीणों को चंबल नदी पार करने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। इससे किसानों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना दोनों राज्यों के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
चार महीने से बंद था पुल, लोगों को हो रही थी परेशानी
उसैद-पिनाहट घाट पर पेंटून पुल बंद होने के कारण चंबल नदी के दोनों ओर बसे गांवों के लोगों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया था। पुल बंद होने के साथ स्टीमर सेवा भी उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में लोगों को नदी पार करने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों, व्यापारियों और रोजाना दूसरे राज्य में आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा था। कृषि उपज और जरूरी सामान के परिवहन में भी अतिरिक्त समय और खर्च लग रहा था। अब पुल शुरू होने से लोगों को इन परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
आगरा जाने वालों को नहीं लगाना पड़ेगा 120 किलोमीटर का चक्कर
पेंटून पुल शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा आगरा जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। पहले पुल बंद होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्ग से होकर जाना पड़ता था, जिससे करीब 120 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था। अब पुल से सीधा आवागमन शुरू होने के बाद यात्रियों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे। खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।
पिनाहट से ग्वालियर जाने की दूरी भी 150 किमी होगी कम
पुल शुरू होने से पिनाहट से ग्वालियर जाने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इस मार्ग के चालू होने से उनकी यात्रा की दूरी लगभग 150 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे न केवल निजी वाहन चालकों को फायदा होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और कृषि परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है। दोनों राज्यों के बीच सामान की आवाजाही आसान होने से स्थानीय कारोबारियों और किसानों को लाभ मिल सकता है।
चंबल के दोनों ओर बसे गांवों का फिर जुड़ा संपर्क
करीब चार महीने बाद पेंटून पुल से आवागमन बहाल होने को सीमावर्ती क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। पुल के माध्यम से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के गांवों के बीच सीधा संपर्क फिर स्थापित हो गया है। अब लोगों को रोजमर्रा के काम, व्यापार, खेती और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। चार महीने से पुल खुलने का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को आखिरकार राहत मिली है।


