मुरैना में नहर का पानी सरसों के खेत में घुसा: जलमग्न हुई फसल, सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप; किसान ने प्रशासन से मांगी मदद
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डोंगरपुर किरार गांव में नहर से पानी रिसकर खेत में भरने से किसान की सरसों की खड़ी फसल जलमग्न हुई।
मुरैना। जिले के डोंगरपुर किरार गांव में नहर से पानी रिसकर खेत में भरने से किसान की सरसों की खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। इससे फसल को नुकसान होने की आशंका है। किसान ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। वहीं, अधिकारियों के कथित गैर-जिम्मेदाराना जवाब से किसान की परेशानी और बढ़ गई है।
नहर से पानी रिसने के कारण खेत में भरा पानी
पीड़ित किसान के मुताबिक, नहर से लगातार पानी रिसने के कारण उसके खेत में पानी भर गया और सरसों की फसल जलमग्न हो गई। किसान का आरोप है कि जब वह समस्या की शिकायत लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचा, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि "अपना खुद देख लो।" इससे किसान निराश है और उसे फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
कलेक्टर के निर्देश के बावजूद नहीं हुई नहर की सफाई
मामले में किसान ने नहरों की सफाई और रखरखाव में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि कलेक्टर के निर्देश के बावजूद समय पर नहर की सफाई और मरम्मत नहीं की गई। किसान ने सवाल उठाया कि जब नहरों की सफाई और रखरखाव के लिए बजट खर्च किया जाता है, तो जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं दुरुस्त क्यों नहीं हैं?
प्रशासन से लगाई गुहार
पीड़ित किसान ने कलेक्टर सहित शासन-प्रशासन और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। किसान की मांग है कि खेत में भरे पानी और फसल को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाए। साथ ही नहर की तत्काल सफाई और मरम्मत कराई जाए तथा लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फसल बचाने के लिए राहत का इंतजार
नहर से पानी रिसने के कारण किसान की खड़ी सरसों की फसल पर संकट मंडरा रहा है। खेत में पानी जमा होने से फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है। किसान के सामने अब अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल को बचाने की चुनौती है। पीड़ित किसान को उम्मीद है कि प्रशासन उसकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई करेगा और खेत में भरे पानी की निकासी के साथ नहर की मरम्मत कराएगा। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में कब कदम उठाता है और किसान की फसल को बचाने के लिए क्या राहत दी जाती है।
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