मक्का-मदीना में फंसे MP के 300 से अधिक उमराह यात्री: मिडिल ईस्ट तनाव से सऊदी अरब में उड़ानें रद्द, कांग्रेस नेता की विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हस्तक्षेप की मांग
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मक्का-मदीना में फंसे MP के 300 से अधिक उमराह यात्री
भोपाल। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच सऊदी अरब में उड़ानें रद्द होने से उमराह करने गए भारतीय यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई यात्रियों की निर्धारित उड़ानें रद्द होने से उनकी वतन वापसी अटक गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब में हजारों भारतीय यात्रियों के प्रभावित होने की आशंका है। इनमें मध्य प्रदेश के 300 से अधिक और भोपाल-इंदौर संभाग के 120 से ज्यादा लोग शामिल बताए जा रहे हैं। उड़ानों में व्यवधान के कारण यात्रियों को जहां वापसी के लिए नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं, वहीं ठहरने और खाने-पीने पर अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
अब्बास हफीज ने मंत्री कृष्णा गौर से की मुलाकात
उमराह यात्रियों की परेशानी को देखते हुए कांग्रेस नेता अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने मंगलवार दोपहर प्रदेश की अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा गौर से भोपाल स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया। हफीज ने मंत्री को बताया कि सऊदी अरब में उड़ानें रद्द होने से मध्य प्रदेश के सैकड़ों यात्रियों की वापसी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को मक्का और मदीना में फंसे यात्रियों की मदद के लिए तत्काल पहल करनी चाहिए। इसमें भारतीय दूतावास के माध्यम से हेल्पलाइन सुविधा, वीजा की अवधि बढ़ाने में सहायता और एयरलाइंस के साथ समन्वय कर वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था शामिल है। जरूरत पड़ने पर विशेष विमानों की संभावना पर भी विचार किया जाना चाहिए। मंत्री कृष्णा गौर ने यात्रियों की वापसी के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री को पत्र लिखने और मदद के प्रयास करने का आश्वासन दिया।
भोपाल के परिवार के 11 सदस्य मदीना में रुके
उड़ानों में व्यवधान का असर भोपाल के खानू गांव निवासी अनस खान के परिवार पर भी पड़ा है। अनस अपने परिवार के 11 सदस्यों के साथ उमराह करने मदीना गए हैं। परिवार की भारत वापसी के लिए 29 अक्टूबर को इंडिगो की उड़ान का टिकट बुक था, लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद उन्हें अब तक दूसरी फ्लाइट नहीं मिल सकी है। अनस के मुताबिक, ट्रैवल एजेंसी अब किसी दूसरे देश के रास्ते भारत लौटने का विकल्प तलाश रही है। ऐसे में परिवार को वापसी की नई व्यवस्था होने का इंतजार है।
टिकट महंगे, रोजाना बढ़ रहा खर्च
उड़ानें रद्द होने के कारण यात्रियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती वापसी के लिए नया टिकट हासिल करना है। भोपाल के ट्रैवल कारोबारियों के मुताबिक, सामान्य दिनों में सऊदी अरब से भारत आने का हवाई टिकट करीब 15 हजार रुपये में मिल जाता था। मौजूदा हालात में कई विकल्पों पर यही किराया बढ़कर 35 से 50 हजार रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा यात्रियों को होटल, भोजन और स्थानीय परिवहन पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, इन मदों में प्रति व्यक्ति रोजाना करीब 4 से 5 हजार रुपये तक खर्च हो सकता है। पहले से तय बजट में उमराह यात्रा पर गए परिवारों के लिए अचानक बढ़ा खर्च परेशानी बढ़ा रहा है।
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यात्रियों को सरकारी मदद का इंतजार
उड़ानें अचानक रद्द होने से यात्रियों को ठहरने की अवधि बढ़ानी पड़ रही है और वापसी के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़ रहे हैं। क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर आवाजाही और मुश्किल होने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में यात्रियों और उनके परिजनों की मांग है कि केंद्र सरकार, भारतीय दूतावास और एयरलाइंस मिलकर जल्द वापसी की व्यवस्था करें। प्रभावित यात्रियों को सही जानकारी उपलब्ध कराने, वीजा संबंधी राहत दिलाने और अतिरिक्त खर्च के बीच सुरक्षित ठहराव सुनिश्चित करने के लिए भी मदद की जरूरत है। अब सभी की नजर सरकार की पहल और उड़ानों की स्थिति सामान्य होने पर टिकी है।

अब्बास हफीज खान, कांग्रेस नेता

