ग्वालियर में निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय की छत गिरी: 18 दिन पहले बना पिलर ढहा, 4 मजदूर घायल; निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
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ग्वालियर में निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय की छत गिरी
ग्वालियर। निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय में बड़ा हादसा होने की खबर सामने आई है। कंपू थाना क्षेत्र स्थित पद्माराजे हाई सेकेंडरी स्कूल परिसर में बन रहे विद्यालय की छत का एक बड़ा हिस्सा निर्माण के दौरान अचानक गिर गया। हादसे के दौरान वहां काम कर रहे चार मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद मलबे में फंसे घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भवन की मजबूती को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
सांदिपनि स्कूल में निर्माण कार्य के दौरान पिलर ढहा
दरअसल, यह पूरा मामला कंपू स्थित पद्माराजे हाई सेकेंडरी स्कूल परिसर में बन रहे सांदीपनि विद्यालय का है। यहां एक शासकीय भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे करीब 30 साल तक चलने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य के दौरान ही पिलर ढहने की घटना सामने आने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। पिलर पर लिखी तारीख के मुताबिक इसे 8 अक्टूबर 2026 को बनाया गया था।
महज 18 दिन में ढहा पिलर, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
पिलर पर लिखी तारीख के मुताबिक इसे 8 अक्टूबर 2026 को बनाया गया था। पिलर महज 18 दिन बाद ही ढह गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर निर्माण में किन सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया और काम के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया गया या नहीं। निर्माणाधीन भवन में छत का बड़ा हिस्सा गिरने की घटना ने निर्माण कार्य की निगरानी और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस भवन का इस्तेमाल भविष्य में विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए होना है, उसके निर्माण के दौरान ही इस तरह की घटना सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, पिलर कमजोर होने या छत गिरने के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इसके लिए निर्माण कार्य से जुड़े पहलुओं की जांच जरूरी है।
हादसे के समय स्कूल की छुट्टी
हादसे के समय स्कूल की छुट्टी थी, जिसके चलते परिसर में विद्यार्थी मौजूद नहीं थे। यदि विद्यालय का निर्माण पूरा होने के बाद भवन इस्तेमाल में आ जाता और उस दौरान इस तरह की घटना होती, तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे। इस घटना ने सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जरूरत को सामने ला दिया है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि पिलर और छत का हिस्सा किन कारणों से गिरा और निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मामले को लेकर तहसीलदार ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हादसे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जांच के बाद ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता, पिलर गिरने की वजह और संभावित लापरवाही से जुड़े पहलुओं पर स्थिति साफ हो सकेगी।
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हरीराव, घायल मजदूर
शिव चंदन राय, मजदूर
मनीष जैन, तहसीलदार
कमल वर्मा, संवाददाता, ग्वालियर

