खंडवा-खरगोन के किसानों की दिवाली हुई रोशन: 83 गांवों के खेतों तक पहुंचा नर्मदा का पानी; 40 हजार हेक्टेयर जमीन को मिलेगी सिंचाई की सुविधा
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खेतों तक पहुंचा नर्मदा का पानी,किसानों में दिखी खुशी की लहर।
खंडवा। निमाड़ के किसानों के लिए इस बार दीपावली की सबसे बड़ी सौगात खेतों तक पहुंचा नर्मदा का पानी बना। वर्षों से सिंचाई का इंतजार कर रहे खंडवा और खरगोन जिले के 83 गांवों में झिरन्या माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से पानी पहुंचना शुरू हो गया है। धनतेरस से एक दिन पहले सफल टेस्टिंग के बाद किसानों ने खेतों में दीप जलाकर और पटाखे फोड़कर खुशी मनाई। किसानों ने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया।
40 हजार हेक्टेयर जमीन को मिलेगा पानी
झिरन्या परियोजना से 83 गांवों की करीब 40 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का रास्ता खुला है। इससे पहले इन गांवों के किसान पानी की कमी के कारण बारिश पर निर्भर रहते थे। आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा होने के बावजूद इन गांवों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता था।
800 फीट बोरिंग के बाद भी था जलसंकट
किसानों के अनुसार, क्षेत्र में कई जगह 800 फीट तक बोरिंग कराने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिलता था। ग्राम बिलांखेड़ा के किसान लाल सिंह ने बताया कि पानी की कमी के कारण उनके पूर्वजों को परिवार का पालन-पोषण करने के लिए जमीन तक बेचनी पड़ी थी। अब खेतों में पानी पहुंचने से साल में तीन फसल लेने की उम्मीद जगी है।

1385 करोड़ की परियोजना, 2029 से पहले शुरू
झिरन्या माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की घोषणा वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। परियोजना के लिए 1385 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध कराया गया। इसे जनवरी 2029 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन निर्माण कार्य तेजी से होने के कारण करीब तीन साल पहले ही पानी पहुंचना शुरू हो गया।
खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधीक्षक यंत्री महेश सिंह के अनुसार, परियोजना निमाड़ के कृषि विकास में महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों को व्यावसायिक और नगदी फसलों की खेती का अवसर मिलेगा। इसका लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा। किसानों के लिए इस बार दीपावली की खुशी सिर्फ त्योहार तक सीमित नहीं है। खेतों तक नर्मदा का पानी पहुंचने से उन्हें बेहतर उत्पादन और परिवार के भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिली है।

