भोपाल में खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद 8 मांगें मंजूर, काम पर लौटे कर्मचारी; कलेक्टर और महापौर ने भी लगाई झाड़ू
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भोपाल में खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, कलेक्टर और महापौर ने भी लगाई झाड़ू।
भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार शुक्रवार देर शाम खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। कर्मचारियों ने तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने का ऐलान किया है, जिसके बाद भोपाल समेत प्रदेशभर में सफाई व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है।
सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा में कर्मचारियों की 10 मांगें रखी गई थीं, जिनमें से 8 मांगों पर सहमति बन गई है। वहीं, कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक के बाद संगठन ने हड़ताल समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की।
कलेक्टर और महापौर ने संभाली झाड़ू
हड़ताल खत्म होने के बाद भोपाल में सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। शहर में जमा कचरे को हटाने के लिए रातभर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में सफाई कर्मचारियों के साथ नगर निगम का पूरा अमला जुटा रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भोपाल कलेक्टर और महापौर ने भी खुद सड़क पर उतरकर झाड़ू लगाई और इस विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की। कलेक्टर ने कहा कि रातभर लगातार सफाई कराकर शहर को जल्द से जल्द कचरे से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
चुनौती बनी हुई है सामान्य व्यवस्था
चार दिनों की इस हड़ताल के चलते शहर के कई इलाकों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए थे। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने की है। इसके लिए रातभर अभियान चलाकर प्रमुख सड़कों, बाजारों और रहवासी इलाकों से कचरा उठाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर, भोपाल

