जबलपुर में गोल्ड लोन के विज्ञापन वाले ऑटो ने खोला चोरी का राज: दो दिन रेकी के बाद सूने मकान से उड़ाए 45 लाख के गहने, महिला समेत तीन गिरफ्तार
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45 लाख के गहने चोरी मामले में दो सगे भाइयों समेत 3 गिरफ्तार।
जबलपुर। पनागर थाना क्षेत्र के लमती इलाके में सूने मकान से करीब 45 लाख रुपए के सोने चांदी के जेवर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो भाइयों समेत एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 30 तोला सोने के जेवर चांदी के आभूषण, घटना में इस्तेमाल ऑटो, सब्बल और ऑटो का हुड बरामद किया गया है।एएसपी जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने वारदात से पहले मकान की रेकी की थी। इसके बाद रात में ऑटो से पहुंचे और ताले व ग्रिल का कुंदा तोड़कर घर में घुसे। मामले में सफलता सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर मिली।
आधी रात को घर के सामने रुका नीला ऑटो
मामला 11 सितंबर की रात लमती निवासी गगन शर्मा के यहां का है। वह अपने परिवार को ट्रेन में बैठाने के लिए जबलपुर स्टेशन गए थे। इसी दौरान रात करीब 10.30 बजे घर में ताला लगाकर वे स्टेशन चले गए और बाद में अपने माता पिता के फ्लैट में रुक गए। अगली सुबह पड़ोसी ने फोन कर बताया कि उनके घर के सामने शटर का कुंदा टूटा हुआ है। गगन शर्मा घर पहुंचे तो अंदर का नजारा देखकर चोरी का पता चला। शटर और ग्रिल के गेट के कुंदे टूटे थे जबकि दो आलमारियों के लॉक भी टूटे मिले ओर घर का सामान बिखरा हुआ था।
सीसीटीवी में दिखा ऑटो यहीं से खुली जांच की कड़ी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी दौरान पनागर जबलपुर मुख्य मार्ग पर एक नीले रंग का ऑटो संदिग्ध नजर आया। फुटेज में यह ऑटो रात करीब 1.04 बजे गगन शर्मा के घर के सामने रुकता दिखाई दिया ऑटो पर लगे केप्री गोल्ड लोन के विज्ञापन वाले हुड से पुलिस को उसकी पहचान करने में अहम सुराग मिला।
ऑटो चालक तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह ऑटो केवलारी निवासी आशीष चौबे चला रहा था। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो आशीष और उसका भाई अभिषेक चौबे वहां नहीं मिले। आशीष के गाडरवारा और अभिषेक के बिहार में होने की जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने अभिषेक को बिहार से लौटने के दौरान घेराबंदी कर पकड़ लिया शुरुआत में पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती से पूछताछ में चोरी की वारदात में शामिल होना स्वीकार कर लिया।
अस्पताल में भर्ती हुआ फिर हो गया फरार
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि आशीष चौबे के हाथ में चोट लगी है और वह एक निजी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस अस्पताल पहुंची तो वह वहां से फरार हो चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसकी पत्नी ज्योति चौबे से पूछताछ की। ज्योति ने बताया कि चोरी के जेवरों में से एक एक चेन आशीष और अभिषेक अपने पास ले गए थे जबकि अन्य जेवर घर में छिपाकर रखे गए थे। इसके बाद पुलिस ने फरार आशीष की तलाश तेज कर दी।
बहन के घर आने की सूचना पर दबोचा
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आशीष अपनी बहन के घर आता जाता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आशीष ने कथित तौर पर बताया कि वह नशे का आदी है। उसने अपने भाई अभिषेक के साथ मिलकर सूने मकान को पहले देखा था जब उन्हें पता चला कि घर में कोई नहीं है तो दोनों ऑटो से वहां पहुंचे और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद चोरी का सामान लेकर दोनों ऑटो से वापस केवलारी पहुंचे थे।
घर में छिपाकर रखे थे 45 लाख के जेवर
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घर में छिपाकर रखे सोने चांदी के आभूषण बरामद किए। बरामद सामान में मंगलसूत्र, हार, कंगन, चेन, झुमकी, कान की बालियां, टॉप्स, अंगूठियां, नाक की लौंग, हाथफूल, ब्रेसलेट और अन्य आभूषण शामिल हैं इसके अलावा चांदी की हाय, बिछिया, सिक्का, गणेश प्रतिमा, मूंगा माला सहित अन्य सामान भी बरामद किया गया है बरामद जेवरों की कुल कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई है साथ ही घटना में इस्तेमाल ऑटो, सब्बल और ऑटो का हुड भी जब्त किया गया है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में अभिषेक चौबे उर्फ गुड्डू 35, आशीष चौबे 36 और ज्योति चौबे 32 को गिरफ्तार किया है तीनों केवलारी, थाना पनागर के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक आशीष चौबे के खिलाफ पहले से मारपीट, चोरी और एक्सीडेंट से संबंधित चार मामले दर्ज हैं पनागर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 933/2026 धारा 331/4, 305/1 बीएनएस के तहत कार्रवाई की है।

