भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर सियासत शुरू : 51 किमी का बनेगा ग्रोथ कॉरिडोर, सीलिंग से नहीं मिलेगी राहत; बीजेपी-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज
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फाइल फोटो।
भोपाल। राजधानी भोपाल के बहुप्रतीक्षित नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। यह मास्टर प्लान 2047 तक भोपाल के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रस्तावित प्लान में शहर के विस्तार, नए विकास क्षेत्रों और ग्रोथ कॉरिडोर को लेकर व्यापक प्रावधान किए गए हैं। ड्राफ्ट के मुताबिक भोपाल के आसपास के 254 गांवों को नए मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। वहीं करीब 45 लाख की आबादी को ध्यान में रखते हुए शहर के भविष्य के विकास की योजना तैयार की गई है।
51 किलोमीटर के ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव
नए मास्टर प्लान में भोपाल के आसपास करीब 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर को विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके जरिए शहर के सुनियोजित विस्तार और आसपास के क्षेत्रों के विकास का खाका तैयार किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद जारी हुआ ड्राफ्ट
मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद जारी किया गया है। ड्राफ्ट जारी होने के साथ ही अब आम लोगों और संबंधित पक्षों से दावे-आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार के बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक जारी
मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी होने के बावजूद मौजूदा आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर तत्काल कोई राहत नहीं मिलेगी। नगर निगम की सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर के अपने आदेश में इस स्थिति को स्पष्ट किया है। नए मास्टर प्लान में किसी क्षेत्र के लैंड यूज को बदलने का प्रस्ताव मात्र यह सुनिश्चित नहीं करता कि वहां तत्काल व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति मिल जाएगी।
अंतिम मास्टर प्लान के लिए भी सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी
नए मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी होगी। जब तक अंतिम योजना को मंजूरी नहीं मिलती, तब तक मौजूदा नियमों के तहत नगर निगम की कार्रवाई पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यानी ड्राफ्ट जारी होने के बाद शहर के विकास को लेकर नई दिशा तय होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन मौजूदा आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ जारी सीलिंग कार्रवाई फिलहाल जारी रहेगी।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
मास्टर प्लान का ड्राफ्ट आने के बाद टी एंड सीपी एक्सपर्ट डॉ. कृष्ण कुमार धोते प्रोफेसर मैनिट भोपाल का बयान सामने आया है। डॉ. कृष्ण कुमार धोते ने कहा कि इस मास्टर प्लान से पूरे शहर के व्यापारियों को सीलिंग की कार्रवाई से कोई खास राहत नहीं मिल सकती है। प्लान में मौजूदा इलाके जैसे की अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के केवल मेन रोड पर किया गया बदलाव। नए और आगे बढ़ते शहर के लिए विशेष फोकस रहा है। ड्राफ्ट में कोलार रोड को ज्यादा तवज्जो दी गई है। पुराने शहर और निगम क्षेत्र में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। ज्यादातर क्षेत्रों में केवल हरियाली बढ़ाने पर फोकस किया गया है।
मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
मास्टर प्लान को लेकर बीजेपी-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि 31 साल से सरकार मास्टर प्लान नहीं लाई थी, अब यह 2047 तक की बात कर रहे हैं पहले 2031 तक का तो प्लान करें, 100 गांव को इंक्लूड करा है, किसानों की जमीन जाएगी उसका क्या, जिन व्यवसायिक केन्द्रों को सीलिंग का नोटिस दिया गया है उनका क्या कर रहे हैं, मिक्स लैंड यूज पॉलिसी कैसे काम करेगी , यह सारी बातें सरकार स्पष्ट करे। उन्होंने ने कहा कि ड्राफ्ट देखेंगे और आवश्यक आपत्तियां जो भी होंगी वह लगाई जाएंगी।
मास्टर प्लान ड्राफ्ट को लेकर बोली भाजपा, बृजगोपाल लोया का कांग्रेस को जवाब
प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने बयान देते हुए कहा कि अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर पूरी समीक्षा के बाद मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी किया है,मास्टर प्लान में प्राकृतिक संपदा का विशेष ध्यान रखा गया है, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ध्यान में रखा गया है, भोपाल के व्यापारियों और रहवासियों के सुझाव शामिल हैं। अब एक्सपर्ट्स, जनता अपनी राय देंगे, सभी को ड्राफ्ट पर अपने सुझाव देने चाहिए। विपक्ष का काम सिर्फ विरोध करना रह गया है। जनहित के मुद्दों पर सियासत नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस सभी संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ है।
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पीसी शर्मा, पूर्व मंत्री, कांग्रेस
बृजगोपाल लोया, प्रदेश मीडिया प्रभारी, बीजेपी

