JNKVV के कुलपति की पदस्थापना मामले की सुनवाई: हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर सरकार से मांगा जवाब, 70 साल पार होने के बाद पद पर बने रहने को बताया अवैध
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जेएनकेविवि के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती, फाइल फोटो।
जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जेएनकेविवि) के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की नियुक्ति और पद पर बने रहने को लेकर कानूनी सवाल खड़े हो गए हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया है कि कुलपति डॉ. मिश्रा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की निर्धारित 70 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं। याचिका में उन्हें पद से पृथक करने और नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की गई है।
इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने राज्य शासन सहित अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका अमखेरा जबलपुर निवासी डॉ. सत्येंद्र यादव की ओर से दायर की गई है।
जन्मतिथि और नियुक्ति को बनाया आधार
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा ने अदालत को बताया कि यूजीसी के प्रावधानों के अनुसार कुलपति पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष निर्धारित है। जेएनकेविवि के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की जन्मतिथि 1 जुलाई 1956 है। उन्हें 17 नवंबर 2022 को कुलपति नियुक्त किया गया था। इस आधार पर उन्होंने 30 जून 2026 को 70 वर्ष की आयु पूरी कर ली है।
राज्यपाल कार्यालय के आदेश का भी दिया हवाला
याचिका में हाल ही में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति की नियुक्ति के संबंध में राज्यपाल कार्यालय की ओर से 70 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा का उल्लेख किए जाने को भी आधार बनाया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इसी प्रावधान के अनुरूप जेएनकेविवि के कुलपति के मामले में भी कार्रवाई होनी चाहिए।
कार्यकाल अवैध घोषित करने की मांग
याचिका में मांग की गई है कि 70 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद डॉ. मिश्रा के कुलपति पद पर बने रहने की अवधि को अवैध घोषित किया जाए। साथ ही विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाएं फिलहाल हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
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