MP राज्यसभा उपचुनाव : 4 घंटे होल्ड रहा हरदीप पुरी का नामांकन, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज; निर्विरोध जीत तय
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हरदीप सिंह पुरी का नामांकन वैध घोषित, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज, फाइल फोटो
भोपाल। मप्र में राज्यसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान दिनभर सियासी ड्रामा चलता रहा। भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी का नामांकन करीब चार घंटे तक होल्ड रहा। कांग्रेस ने उनके शपथ पत्र में अधूरी और गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए नामांकन निरस्त करने की मांग की।
दूसरी, तरफ भाजपा ने कांग्रेस की आपत्तियों को निराधार बताते हुए उनका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शाम करीब 6.35 बजे रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज कर पुरी का नामांकन वैध घोषित कर दिया। कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है।
कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन रद्द
इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस को झटका लगा है। कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी और एक अन्य प्रत्याशी कांते सायन्ना का नामांकन भी प्रक्रियात्मक खामियों के चलते निरस्त कर दिया गया। लोहानी के नामांकन के साथ अनिवार्य फॉर्म-26 (शपथ पत्र) संलग्न नहीं था, जबकि कांते सायन्ना का नामांकन प्रस्तावक नहीं होने के कारण खारिज हुआ। दोनों नामांकन निरस्त होने और पुरी का नामांकन वैध घोषित होने के बाद उनका निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना लगभग तय हो गया है।
हरदीप पुरी के शपथ पत्र में कथित पर कांग्रेस की आपत्ति
स्क्रूटनी के दौरान दोपहर करीब 2 बजे कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक आतिफ अकील, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और जेपी धनोपिया के साथ विधानसभा पहुंचे। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष हरदीप पुरी के शपथ पत्र में कथित गड़बड़ियों को लेकर लिखित आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस की मांग थी कि हलफनामे में अधूरी और गलत जानकारी देने के कारण पुरी का नामांकन निरस्त किया जाए। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने लोहानी का नामांकन निरस्त किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
भाजपा ने कांग्रेस की आपत्तियों का विरोध किया
इस बीच लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, प्रदेश भाजपा महामंत्री राहुल कोठारी वकील के साथ विधानसभा पहुंचे। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष कांग्रेस की आपत्तियों का विरोध किया और पुरी के नामांकन के साथ संलग्न शपथ पत्र को वैध बताया। दोनों दलों के बीच दलीलों और दस्तावेजों को लेकर बहस के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने पुरी का नामांकन होल्ड कर दिया। साथ ही शाम 5 बजे मामले की सुनवाई तय की।
रिटर्निंग ऑफिसर के पास पहुंचे दोनों पक्ष
विधानसभा से बाहर निकलते समय मंत्री राकेश सिंह ने इस मामले में प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। इसके बाद शाम को दोनों पक्ष एक बार फिर रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष पहुंचे। शाम 5 बजे शुरू हुई सुनवाई में कांग्रेस ने पुरी का नामांकन निरस्त करने की मांग दोहराई। वहीं भाजपा ने कांग्रेस की आपत्तियों को गलत बताते हुए नामांकन वैध घोषित करने की पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की आपत्तियां खारिज कर दीं। शाम करीब 6.35 बजे हरदीप सिंह पुरी का नामांकन वैध घोषित कर दिया गया।
इस फैसले के बाद हरदीप पुरी का निर्विरोध निर्वाचित होना तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को ही उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा कर प्रमाण पत्र सौंपे जाने की संभावना है।
पुरी के नामांकन पर कांग्रेस ने 3 बिंदुओं पर जताई आपत्ति
भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर कांग्रेस ने 3 बिंदुओं को लेकर वैधानिक आपत्तियां दर्ज कराईं। उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष ये आपत्तियां प्रस्तुत की हैं। कटारे ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि पुरी ने हलफनामे में पत्नी से संबंधित कॉलम में आवश्यक जानकारी नहीं दी है। उनका संपत्ति का विवरण विदेशी मुद्रा में दर्ज किया गया है, जबकि निर्वाचन संबंधी प्रावधानों के अनुसार संपत्ति का विवरण भारतीय मुद्रा में भी स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही पुरी के हलफनामे का सत्यापन निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हरदीप पुरी के नामांकन को वैध घोषित करने के फैसले के विरोध में वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

