इंदौर की RSS बैठक में Gen-Z के आंदोलनों पर मंथन: दत्तात्रेय होसबोले ने SIR का किया समर्थन; आरक्षण और काशी-मथुरा विवाद पर रखा संघ का पक्ष
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इंदौर में RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक का समापन
इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक के समापन पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कई अहम मुद्दों पर संघ का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी प्रक्रिया बताया। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब तक समाज में वास्तविक समानता नहीं आती, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।
वहीं Gen-Z के आंदोलनों पर उन्होंने युवाओं की समस्याओं को समझने की जरूरत बताई, लेकिन हिंसा और अराजकता फैलाने वाली ताकतों से सावधान रहने की बात कही। संघ ने युवाओं में बढ़ते नशे के खिलाफ देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने की तैयारी भी जताई।
SIR जरूरी, मतदाता सूची का समय-समय पर शुद्धिकरण हो
SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर शुद्धिकरण होना जरूरी है। मृत व्यक्तियों, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों और अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हट जाता है तो उसके पास चुनाव आयोग और न्यायालय में शिकायत करने का विकल्प मौजूद है। केवल राजनीतिक विरोध के लिए SIR का विरोध करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।
Gen-Z के गुस्से और समस्याओं को समझना जरूरी
युवाओं के आंदोलनों और Gen-Z की भूमिका पर होसबोले ने कहा कि युवाओं के गुस्से और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। उनके सवालों को देशविरोधी नजरिए से नहीं देखना चाहिए। युवाओं की अपेक्षाओं और असंतोष को समझकर समाधान निकालने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं का इस्तेमाल करना और उन्हें हिंसा एवं अराजकता की ओर धकेलना स्वीकार नहीं किया जा सकता। युवाओं को ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है।
सामाजिक समानता आने तक जारी रहना चाहिए आरक्षण
आरक्षण के मुद्दे पर संघ का पक्ष रखते हुए सरकार्यवाह ने स्पष्ट कहा कि जब तक समाज में सामाजिक और शैक्षणिक समानता स्थापित नहीं हो जाती, तब तक आरक्षण की व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। सामाजिक पिछड़ेपन और असमानता को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने सामाजिक समरसता और समान अवसरों को महत्वपूर्ण बताया।
नशे के खिलाफ देशव्यापी जनजागरण अभियान की तैयारी
युवाओं में बढ़ती ड्रग्स और नशे की लत पर चिंता जताते हुए होसबोले ने कहा कि यह समाज के सामने गंभीर चुनौती है। इसके खिलाफ केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि सामाजिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों (NGO) और विभिन्न संगठनों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जागरूकता, काउंसलिंग और पुनर्वास के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर करने की जरूरत बताई। संघ की ओर से इस दिशा में राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चलाने की तैयारी जताई गई है।
परिवार और स्कूलों में संस्कारों पर जोर
सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री और उसके बढ़ते प्रभाव को लेकर भी होसबोले ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को सही दिशा देने के लिए परिवार और स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। संस्कार, नैतिक शिक्षा और सही मार्गदर्शन के माध्यम से इस चुनौती से निपटने की जरूरत है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए पानी-बिजली बचाने की अपील
पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने लोगों से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाने की अपील की। पानी और बिजली की बचत करने के साथ प्लास्टिक का उपयोग कम करने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए जनभागीदारी की आवश्यकता बताई।
99 हजार से ज्यादा दैनिक शाखाएं
तीन दिवसीय बैठक के बाद प्रेस वार्ता में होसबोले ने संघ के संगठनात्मक विस्तार की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में वर्तमान में 99 हजार 423 दैनिक शाखाएं संचालित हो रही हैं और संघ का काम 1 लाख 3 हजार 397 स्थानों तक पहुंच चुका है। संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में 65 हजार 664 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया, जिनमें करीब 5 करोड़ लोगों ने भागीदारी की। इसके अलावा 10 करोड़ से अधिक घरों तक संपर्क अभियान भी चलाया गया।
अब 88 संभागों के आधार पर होगा काम
संगठनात्मक बदलाव की जानकारी देते हुए सरकार्यवाह ने बताया कि संघ की मौजूदा 46 प्रांतों की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। अब संगठनात्मक काम को 88 संभागों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य संगठन के कामकाज को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
काशी-मथुरा विवाद पर बोले- न्यायालय की प्रक्रिया से आगे बढ़ें मामले
काशी और मथुरा से जुड़े मुद्दों पर होसबोले ने कहा कि जो मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने देना चाहिए। हर मुद्दे पर आंदोलन करना जरूरी नहीं है। न्यायालय में चल रहे मामलों का समाधान कानूनी व्यवस्था के माध्यम से होना चाहिए।
हिंदुत्व, महिला भागीदारी और विदेशों में संपर्क पर भी रखी बात
प्रेस वार्ता के दौरान होसबोले ने हिंदुत्व, महिलाओं की भागीदारी और विदेशों में संघ के संपर्क कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर भी संघ का पक्ष रखा। उन्होंने संगठन के सामाजिक कार्यों और विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संवाद बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
दत्तात्रेय होसबोले, सर कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
दत्तात्रेय होसबोले, सर कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

